Hazaribagh(Sunil Sahu) : गांव-देहात में रहनेवाली अनपढ़ 32 महिलाएं महज 48 दिनों की ट्रेनिंग में हुनरमंद बन गई। इन्हें लाह की चूड़ी बनाने की कला सिखाई गई। हुनर हासिल करने के बाद महिलाओं में शामिल कुछ ने कहा कि अब उनमें इतना दमखम है कि वो खुद कमा कर जी-खा सकती है। कुछ महिलाओं ने कहा, भला हो NTPC पकरी बरवाडीह कोयला खनन परियोजना के साहेब लोगों का जिनकी कोशिश से उनकी तकदीर बदलने वाली है। महिलाओं के चेहरे में छाई खुशियां देख उन्हें ट्रेंड करने वाले ट्रेनर भी खुश हुये। इन्हें ट्रेनिंग देने राजधानी रांची से अनुभवी कारीगरों को बुलाया गया था। बीते 13 अक्टूबर से 30 नवम्बर तक इन्हें ट्रेनिंग दी गई। यह ट्रेनिंग NTPC माइनिंग एण्ड ITI (MAITI) ढेंगा के परिसर में दी गई।
32 महिलाओं को छह अलग-अलग स्वयं सहायता समूहों में बांट कर इन्हें ट्रेनिंग दिलवाई गई। समूहों में लक्ष्मी समूह (ग्राम- जुगरा), दुर्गा समूह (ग्राम- सिंदवारी), पूजा समूह (ग्राम- पकरी बरवाडीह), राधा कृष्ण समूह (आर एंड आर कॉलोनी), सरस्वती माता समूह (गांव- सिकरी), और गंगा समूह (आर एंड आर कॉलोनी) शामिल थे। लाह की चूड़ी बनाने में काबिल हो जाने वाली महिलाओं को प्रशस्ति पत्र दिया गया, वहीं ट्रेनिंग के दौरान बनाई गई चूड़ियों से प्राप्त राशि उन्हें दिया गया। इस मौके पर भूमि अधिग्रहण एवं पुनर्वास और पुनर्स्थापना विभाग के महाप्रबंधक पंकज ध्यान ने महिलाओं को पूरे जुनून, जज्बा और मेहनत से काम करने को कहा, ताकि वो अपने परिवार का सहारा बन सके। उनकी कोशिश से ही समाज में सकारात्मक बदलाव आयेगा।














