Bihar : बिहार की सरजमीं पर एक बार फिर लोकतंत्र का महापर्व सजीव हो उठा, गंगा की तरह बहती भावनाओं, भोजपुर की मिट्टी की गर्मी और मगध की गलियों में गूंजते उम्मीदों के शोर के बीच बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। NDA ने प्रचंड बहुमत बटोरकर सत्ता की नाव को किनारे लगा दिया है, पर चुनावी जीत की इस चकाचौंध के पीछे एक कड़वी सच्चाई भी छिपी है, एक सच्चाई, जो किसी दिल दहला देने वाली कहानी की तरह हमें आईना दिखाती है। चुनाव के बाद, ADR और बिहार इलेक्शन वॉच ने विजेता 243 विधायकों के शपथ-पत्रों की परतें खोलीं और सामने आया एक ऐसा खुलासा, जिसने बिहार की सियासत की धड़कनें तेज कर दीं।
243 में से 130 विधायक (53%) आपराधिक मामलों में आरोपी! 2020 की तुलना में संख्या घटी है, पर चिंता उतनी ही भारी है। 2020 में 163 (68%) विधायकों पर अपराध के मामले दर्ज थे। धूप में तपती दालान की बेंचों पर बैठकर राजनीति पर चर्चा करने वाले बिहारी बुजुर्ग इस रिपोर्ट को देखकर बस इतना ही कहते दिखे, “बिदेशिया तो बदल गेला, सरकार बदले लगी, लेकिन चाला-चरितवा ऊहे बा!” ADR की रिपोर्ट ऐसे तथ्य बताती है, जो किसी भी लोकतंत्र की रीढ़ को हिला देने के लिए काफी हैं..
- 102 विधायक (42%) गंभीर अपराधों में आरोपी।
- 6 विधायकों पर हत्या का आरोप।
- 19 विधायकों पर हत्या के प्रयास के केस दर्ज।
- महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के 9 मामले भी दर्ज।
किस पार्टी के कितने ‘दागी’?
- भाजपा — 89 में से 43 विधायक (48%) दागी
- जेडीयू — 85 में से 23 (27%)
- राजद — 25 में से 14 (56%)
- लोजपा (रामविलास) — 19 में से 10 (53%)
- कांग्रेस — 6 में से 3 (50%)
- एआईएमआईएम — 5 में से 4 (80%)
छोटी पार्टियों के आंकड़े भी लोकतंत्र की कमजोर नसों को उभार देते हैं।
90% विधायक करोड़पति!
जहां बिहार का आम आदमी आज भी रोजगार, बिजली, सड़क और शिक्षा की जद्दोजहद में है, वहीं विधायकों की घोषित संपत्ति किसी उपन्यास के अमीर किरदार की तरह चमकदार, 90% विधायक करोड़पति हैं। औसत संपत्ति 9.02 करोड़ रुपये।
शिक्षा और उम्र — कैसी होगी नई विधानसभा?
- 35% विधायकों की शिक्षा 5वीं से 12वीं के बीच
- 60% स्नातक या उससे ऊपर
- 7 विधायक सिर्फ “साक्षर”
- 25–40 वर्ष आयु वर्ग — 38 (16%)
- 41–60 वर्ष — 143 (59%)
- 61–80 वर्ष — 62 (26%)
वहीं सिर्फ 29 महिलायें विधानसभा तक पहुंचीं, बिहार की आधी आबादी की आवाज आज भी आधी ही सुनी जा रही है।






