Kohramlive : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश करते हुये साफ किया कि इस बार इनकम टैक्स स्लैब और दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी करदाता पुराने टैक्स सिस्टम के तहत ही टैक्स भरते रहेंगे। हालांकि सरकार ने टैक्स फाइलिंग को आसान, पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए कई अहम घोषणायें की हैं।
बजट 2026 के बड़े टैक्स फैसले
ITR संशोधन की अंतिम तारीख बढ़ी
अब रिटर्न में संशोधन 31 दिसंबर की जगह 31 मार्च तक किया जा सकेगा, वह भी मामूली शुल्क पर।
रिटर्न फाइल करने की समय-सीमा
ITR-1 और ITR-2: 31 जुलाई तक
बिना ऑडिट वाले व्यवसाय और ट्रस्ट: 31 अगस्त तक
TCS दरों में कटौती
विदेशी ट्रैवल पैकेज: 2% TCS (पहले 5–20%)
विदेश में पढ़ाई और इलाज (LRS): 5% से घटाकर 2%
स्क्रैप और खनिजों पर TCS भी 2%
मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण से मिलने वाले ब्याज पर अब न टैक्स लगेगा, न TDS कटेगा। भारत की कंपनियों को पूंजीगत सामान देने वाले एनआरआई को 5 साल तक इनकम टैक्स में छूट मिलेगी। छोटे करदाताओं को ऑटोमैटिक सुविधा कम या शून्य TDS सर्टिफिकेट के लिए अब अधिकारी के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। फॉर्म 15G और 15H अब सीधे डिपॉजिटरी में जमा होंगे। फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) पर STT बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है। आयकर अधिनियम–2025, 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा, जिसमें नियम और फॉर्म पहले से ज्यादा सरल होंगे।








