Saraikela : पश्चिम बंगाल के पुरुलिया से लौटते वक्त शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे बारातियों से भरी बोलेरो गाड़ी जैसे ही नामशोल के पास झारखंड-बंगाल बॉर्डर पर पहुंची, किस्मत ने ऐसा पलटा मारा कि दिल थम गया। एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने गाड़ी को ज़ोरदार टक्कर मारी और अगले ही पल चीखों की जगह सन्नाटा छा गया। बोलेरो चकनाचूर और ट्रेलर पलट चुका था। नौ ज़िंदगियां बीरु महतो, बांका उर्फ चंद्रमोहन, अजय, विजय, सपन, गुरुपद, शशांक, चितरंजन और मुंडा उर्फ कृष्णा, एक ही गांव के थे। साथ जिए, साथ हंसे… और अब साथ ही इस दुनिया से चले गये। गांव में मातम पसरा है, हर घर में चूल्हा ठंडा है और हर आंख नम। नीमडीह थानेदार संतन तिवारी ने हादसे की पुष्टि करते हुये बताया कि ट्रेलर ड्राइवर की तलाश जारी है, और शवों को पोस्टमार्टम के बाद गांव लाया जा रहा है। गांव की गलियों में अब बारात की शहनाइयों की गूंज नहीं, बस मातम की चुप्पी है…
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