UP : झांसी के चंदापुर गांव में रक्षाबंधन के दिन रिश्तों का सबसे पवित्र बंधन खून से लाल हो गया। अरविंद अहिरवार, अपनी छोटी बहन पुच्चू का कातिल निकला। वजह? बहन का प्यार, जो समाज और उसकी ‘आन’ को नागवार गुजरा।कहानी पुणे से शुरू हुई, जहां अरविंद काम करता था। उसे पता चला कि उसकी बहन और टहरौली के विशाल अहिरवार के बीच मोहब्बत अब भी बरकरार है, बावजूद इसके कि पंचायत ने दोनों को अलग कर दिया था। बात इतनी बढ़ी कि विशाल ने उसे चुनौती दे दी “मैं बात भी करूंगा और शादी भी।” यही चुनौती अरविंद के दिल में नफरत का खंजर बन गई। जून से ही उसने दोस्त प्रकाश प्रजापति के साथ मिलकर दोहरे कत्ल की साजिश रचनी शुरू कर दी। 8 अगस्त को विशाल को दिल्ली में नौकरी का झांसा देकर बुलाया गया और धसान नदी किनारे धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी गई। शव झाड़ियों में फेंक दिया गया। राखी के दिन अरविंद घर लौटा। तीनों बहनों को नेग दिया, मुस्कुराया… और फिर छोटी बहन पुच्चू को घूमाने के बहाने ले गया। दोस्त प्रकाश भी साथ था। सुनसान जगह पर पहले उसके बाल काटे, फिर गला घोंटकर जान ले ली। शव खदान में फेंक दिया। रात में पिता को फोन कर सब बताया, लेकिन परिवार चुप रहा, शायद डर से, शायद शर्म से। 24 घंटे में पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ में सच सामने आया कि यह कत्ल प्यार का नहीं, ‘झूठी इज्जत’ का था। राखी का वचन तोड़ने वाला भाई अब सलाखों के पीछे है।
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