UP : वो सिर्फ बेरोजगारों को नौकरी नहीं दे रहे थे, वो उम्मीदें बेच रहे थे और बदले में लूट रहे थे, सपने, पैसे और भरोसा। बुलंदशहर की तंग गलियों से निकलकर, एक ऐसा फरेबी चक्रव्यूह सामने आया है जिसने पूरे देश को चौंका दिया। साइबर थाना पुलिस ने खुलासा किया है उस गिरोह का जो झूठी कंपनियों की आड़ में लाखों बेरोजगारों की मेहनत की कमाई लूट रहा था। इस गिरोह का सरगना है मुर्तजा सोलंकी, जो अपनी दो पत्नियों के साथ एक घर में रह रहा था, इन दोनों को फर्जी कंपनियों का डायरेक्टर भी बना रखा था। युवकों को फंसाने के लिये दोनों पत्नियों को आगे कर खुद पति ने पीछे से फ्रॉडगिरी कर करोड़ों रुपये कमाये। सरगना मुर्तजा सोलंकी को साइबर पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है, वहीं बाकी की तलाश जारी है। इसके पास से 12 सिम कार्ड, मोबाइल, लैपटॉप, चेकबुक, डीटीडीसी बुक, पंपलेट्स मिले हैं। SP क्राइम नरेश कुमार ने मीडिया को बताया कि “आज के दौर में सबसे कीमती चीज है भरोसा और जो उसे तोड़ता है, कानून उसे छोड़ता नहीं।” सपनों की नौकरी, असली कंपनी और दिखावटी डीलरशिप सब पर भरोसे से पहले एक बार जांच जरूरी है। क्योंकि हर चमकती चीज सोना नहीं होती, कुछ झूठ की परत में लिपटी होती है।
ठगी की ‘हाई-प्रोफाइल फैमिली
- मुर्तजा सोलंकी : CEO बना बैठा था, फरेब की दुनिया का बादशाह।
- जीनत सोलंकी व मुमताज जफर : पत्नियां जो इस ‘कंपनी’ की डायरेक्टर थीं।
- आसमा अली (बहन) और हसरत अली (बहनोई) : जो फरेब के परिवारिक पार्टनर थे।
एक ही मकसद था ठगना
- Sigma Telelink Pvt. Ltd. (बुलंदशहर)
- Space Prahari Pvt. Ltd. (बुलंदशहर)
- Samzofar SPN2 India Pvt. Ltd. (जयपुर, राजस्थान)
- इन कंपनियों का काम? नौकरी के नाम पर गूगल-जॉब पोर्टल्स पर प्रोफाइल डालना, बेरोजगार युवाओं से संपर्क कर उन्हें डीलरशिप व सुपर डीलरशिप देने का झांसा देना, और फिर लाखों की ठगी।
ठगी की लिस्ट
| राज्य | पीड़ित | ठगी की राशि |
|---|---|---|
| बिहार | समस्तीपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर | ₹8 लाख |
| झारखंड | मनीष गोयल | ₹3 लाख |
| राजस्थान | जयपुर (विश्वेंद्र सैनी) | ₹4.5 लाख |
| उत्तराखंड | बाजपुर, रानीखेत | ₹30 लाख |
| हरियाणा | अनूप दीक्षित | ₹8.75 लाख |
| चंडीगढ़ | अभि भसीन | ₹50 लाख |
| जम्मू-कश्मीर | रमेश गुप्ता | ₹20 लाख |
| नोएडा | प्रतीक | ₹5 लाख |
कुल ठगी : ₹1.29 करोड़






