Kohramlive desk: ब्रिटेन में ओमिक्रॉन वैरिएंट से पहली मौत का मामला सामने आया है। प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि ब्रिटेन में ओमिक्रॉन से पहली मौत हुई है। यहां रविवार को ओमिक्रॉन 1,239 मामले दर्ज हुए थे। जॉनसन ने कहा कि ओमिक्रॉन ब्रिटेन में बहुत तेजी से फैला है। हमने ऐसा कभी नहीं देखा। जॉनसन ने कहा कि इसका संक्रमण हर दूसरे तीसरे दिन दोगुना हो जा रहा है। इसके मायने हैं कि हम संक्रमण की तूफानी लहर का सामना कर रहे हैं।
British Prime Minister Boris Johnson said on Monday the first patient had died after contracting the #Omicron variant of the #coronavirus: Reuters
— ANI (@ANI) December 13, 2021
ब्रिटेन के हेल्थ सेक्रेटरी साजिद जावेद ने कहा है कि क्रिसमस के दौरान मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। हर रोज 5 लाख से ज्यादा मामले सामने आ सकते हैं। वैक्सीन के दो डोज से बेहतर है कि वयस्क तीसरा डोज भी लगवा लें।
अलर्ट स्तर तीन से बढ़ाकर चार कर दिया गया
ब्रिटेन सरकार ने कोविड-19 के ओमिक्रॉन प्रकार के तेजी से बढ़ने के कारण रविवार को देश में कोविड को लेकर अलर्ट स्तर तीन से बढ़ाकर चार कर दिया। ब्रिटेन में ओमिक्रॉन तेजी से फैल रहा है। यहां रविवार को ओमिक्रॉन 1,239 मामले दर्ज हुए हैं, कुल 3,137 मामले दर्ज किए गए। यूके स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी (यूकेएचएसए) की सलाह पर यूनाइटेड किंगडम इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड के सभी हिस्सों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) द्वारा अलर्ट स्तर बढ़ा दिया गया है।
डेल्टा वैरिएंट की तुलना में तेजी से फैल रहा है ओमिक्रॉन
सीएमओ ने कहा कि शुरुआती सबूतों से पता चलता है कि नया कोरोना वैरिएंट ओमिक्रॉन जो पहली बार दक्षिण अफ्रीका में पाया गया था, डेल्टा वैरिएंट की तुलना में तेजी से फैल रहा है, जिसमें डेल्टा वैरिएंट से संक्रमित भी पहले से अस्पताल में भर्ती चल रहे हैं।
बेहतर नियंत्रण उपायों की जरूरत
बता दें कि एक मॉडलिंग अध्ययन में बताया गया है कि अगर बेहतर नियंत्रण उपाय नहीं किए गए तो अगले साल अप्रैल तक इंग्लैंड में कोरोना वायरस का ओमिक्रॉन संस्करण 25,000 से 75,000 कोविड-19 संबंधित मौतों का कारण बन सकता है। इस अध्ययन से पता चलता है कि ओमिक्रॉन में इंग्लैंड में संक्रमण की बड़ी लहर पैदा करने की क्षमता है जिसमें जनवरी 2021 के मुकाबले कहीं अधिक मामले सामने आ सकते हैं और अस्पताल में भर्ती मरीजों की तादाद बहुत अधिक बढ़ सकती है। इसमें कहा गया है कि अतिरिक्त नियंत्रण उपाय नहीं अपनाने पर अप्रैल 2022 तक 74,800 मौतें हो सकती हैं।






