Palamu : उस रात तकरार के बाद बात इतनी बिगड़ गई कि दोनों एक दूसरे से जुदा हो गये। पत्नी डिंकी अपने मायके चली आई, वहीं रूठे पति मनीष अग्रवाल फोन तक करना छोड़ दिया। रूठे पति को मनाने की खातिर जब कभी डिंकी फोन करती तो मनीष फोन तक रिसीव नहीं करता। डिंकी अपने पति को बेइंतहा प्यार करती थी। बीते कुछ दिनों से वह ठीक से खाना तक नहीं खाती थी, जब कोई टोकता तो कहती, मैरिज एनिवर्सरी के दिन मनीष आयेंगे तो साथ बैठकर भरपेट खायेगी। शादी के सालगिरह के दिन सोलह श्रृंगार कर वह सजधज कर अपने पति का आने का इंतजार करती रही, पति नहीं आया तो वह कफन ओढ़ ससुराल पहुंच गई। मैरिज एनिवर्सरी के रोज उसने जहर खाकर सुसाइड कर लिया। उसका ससुराल धनबाद के राजगंज में है, वहीं मायका पलामू के शहर थाना क्षेत्र के आनंद मार्ग स्कूल के पास नई मुहल्ला में है। पिता के साये से वंचित डिंकी की डेड बॉडी लेकर उसकी मां बेटी के ससुराल पहुंची। वहां तहलका मच गया। कुछ लोगों का कहना था कि खफा हो, रूठों, लड़ो-झगड़ो, पर बात इतनी भी न बिगड़ जाये कि पति-पत्नी एक दूसरे से जुदा हो जाये। डिंकी और मनीष दोनों ने अग्नि को साक्षी मान कसमें खाई थी कि एक दूसरे के सुख-दुख में साथ देते-देते उनकी उम्र बीत जाये…ना जाने यह नौबत क्यों और कैसे आई।

पलामू में रहने वाली डिंकी अग्रवाल की शादी मनीष अग्रवाल से हुई थी। शादी के तीन साल बाद डिंकी ने अपनी शादी वाली तारीख को ही सुसाइड के लिये चुना। अबतक जो बातें सामने आई है, उसके अनुसार शादी के कुछ साल दोनों के रिश्ते बहुत बढ़िया थे। अचानक दोनों में किसी बात को लेकर कलह शुरू हो गये। अक्सर झगड़े भी होने लगे। रिश्ते में इतनी खटास आ गई कि एक रोज मनीष ने फोन कर डिंकी की मां को अपने घर बुला लिया। वहीं दूसरे रोज यानी 8 अप्रैल को अपनी पत्नी डिंकी को सास के साथ मायके भेज दिया। दोनों में बातचीत तक बंद हो गये। पति के बदले बर्त्ताव से डिंकी टूट चुकी थी। वो अपने पति को पाने की खातिर कोर्ट तक जाने की बात करते रहती थी। वह अपने पति को खूब प्यार करती थी। वह लगातार अपने पति से बातें करने की कोशिश करते रहती थी। डिंकी को उम्मीद थी कि मैरिज एनिवर्सरी के रोज उसका मनीष उसके पास जरूर आयेगा, नहीं आया तो यह दुखद घटना हो गई। सोमवार को उसका पोस्टमार्टम किया गया।
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