Kohramlive : हरिद्वार की पहाड़ियों में बसे मनसा देवी मंदिर की चढ़ाई उस सुबह श्रद्धा से लबरेज थी। सूरज की पहली किरणें जब मंदिर की सीढ़ियों को चूम रही थीं, तभी एक अफवाह ने आसमान का रंग बदल दिया। “करंट फैल गया है!” किसी ने चीख लगाई और फिर… सब कुछ थम गया।
देखते ही देखते श्रद्धा का मेला भगदड़ में बदल गया। एक-दूसरे पर गिरते, घबराये हुए लोग… चीखें, अफरातफरी, और कुछ ही पलों में 6 ज़िंदगियां इस धरती से रुख़्सत हो गईं। उनमें एक छह साल का मासूम आरुष था, एक साठ वर्षीय शांति, और एक अनजान युवती, जिसकी पहचान अभी तक किसी को नहीं…
तीस से ज़्यादा लोग घायल हुये। सड़क पर दौड़ती एंबुलेंस, घायलों को अपने भीतर समेटती ‘खुशियों की सवारी’ की गाड़ियां, और उन्हें अस्पताल पहुंचाने की होड़—हर तरफ एक ही सवाल था, “आखिर ऐसा क्यों हुआ?” राज्य प्रशासन हरकत में आया। राहत और बचाव कार्य शुरू हुआ। पुलिस, एसडीआरएफ, डॉक्टर, सब एकजुट हुए। CM पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरा शोक जताते हुये मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए और मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख, घायलों को पचास-पचास हज़ार की सहायता राशि की घोषणा की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
आपदा के समय मदद के लिए ये नंबर हैं
हरिद्वार: 01334-223999, 9068197350, 9528250926
देहरादून: 0135-2710334, 2710335, 8218867005, 9058441404
#WATCH हरिद्वार, उत्तराखंड: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला अस्पताल में घायलों से मुलाकात की।
मनसा देवी मंदिर में भारी भीड़ जमा होने के बाद मची भगदड़ में 6 लोगों की मृत्यु हो गई, घायलों का इलाज जारी है। pic.twitter.com/KUkyXO1yC5
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 27, 2025




