कोहराम लाइव डेस्क : राष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर उत्तराखंड के हरिद्वार की बेटी सृष्टि गोस्वामी 1 दिन की मुख्यमंत्री बनी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बेटियों को प्रोत्साहन देने के लिए सृष्टि को एक दिन का मुख्यमंत्री बनाया। इस दौरान सृष्टि विधानसभा पहुंचे कई विभागों की समीक्षा की और तेवर भी दिखाएं। सृष्टि ने कई विभागों की खामियों को दूर करने का अधिकारियों को निर्देश दिया। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह ने कहा कि बेटियों को कोई कम ना समझें, वे रिकार्ड तोड़ रही हैं।
विधानसभा में विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक में सृष्टि ने कहा कि बालिकाओं को स्कूल आने-जाने में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बालिकाएं खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं। घरेलू हिंसा के मामले बढ़ रहे हैं, इन पर रोक लगाने के प्रभावी इंतजाम किए जाएं। इसके अलावा स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर पलायन रोकने की दिशा में भी काम किया जाए।
हरिद्वार जिले की सृष्टि गोस्वामी पहले से ही अपने काम से सबको प्रभावित कर चुकी हैं। दौलतपुर गांव की बेटी साल 2018 में बाल विधानसभा में बाल विधायक भी चुनी गई थीं। वहीं 2019 में सृष्टि गर्ल्स इंटरनेशनल लीडरशिप के लिए थाईलैंड में भारत का प्रतिनिधित्व भी कर चुकी हैं। यहीं नहीं वो पिछले दो साल से ‘आरंभ’ नाम की योजना चला रही हैं। जिसमें गरीब बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करने के साथ ही मुफ्त में किताबें भी मुहैया कराई जाती हैं।
किराने की छोटी सी दुकान चलाते हैं सृष्टि के पिता
बेहद साधारण परिवार की सृष्टि के पिता गांव में किराने की छोटी सी दुकान चलाते हैं। जबकि मां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। वहीं सृष्टि बीएससी एग्रीकल्चर की छात्रा हैं। सृष्टि का एक छोटा भाई भी है जो कक्षा 11 में पढ़ता है। सृष्टि के इन कारनामों पर उनकी मां को बहुत गर्व है। उनका कहना है कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से पीछे नहीं हैं। बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए माता-पिता का सहयोग और प्रेरणा जरूरी है। सृष्टि ने जो मुकाम हासिल किया है उससे हर बेटी के माता-पिता को गर्व होगा।












