Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा की धरती आज एक ऐतिहासिक पहल की साक्षी बनी, जब DC दिनेश कुमार यादव की अगुवाई में रमकंडा प्रखंड के चेटे पंचायत से “धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान” की शुरुआत हुई। यह सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक वादा है, आदिवासी समाज के हर घर तक विकास की रौशनी पहुंचाने का। यह अभियान झारखंड के 7139 गांवों में फैला है। गढ़वा जिले के 113 गांवों के 96,724 जनजातीय लोग लाभार्थी होंगे। 17 मंत्रालयों की 25+ योजनाएं एक साथ लोगों तक पहुंचेंगी। 2028-29 तक हर जरूरत पर “सैचुरेशन मोड” में काम होगा।
पहला कदम चेटे पंचायत से…
कार्यक्रम की शुरुआत उपायुक्त, जिला परिषद उपाध्यक्ष, अनुमंडल पदाधिकारी, कल्याण पदाधिकारी और कई जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में हुई। DC दिनेश कुमार यादव ने कहा, “यह सिर्फ पंचायत या प्रखंड का आयोजन नहीं, यह पूरे जिले की आत्मा को छूने वाला प्रयास है। आदिवासी भाई-बहनों से अपील है कि कैंप में आयें, योजनाओं का लाभ उठायें, क्योंकि ये अभियान आपका है, आपके भविष्य का है।” इधर, गांव वालों ने कहा, हमारे पास राशन कार्ड नहीं है, जमीन पर अतिक्रमण हो गया, पेयजल और बिजली की व्यवस्था नहीं है, डॉक्टर अस्पताल में नहीं आते। इसपर DC का निर्देश साफ़ था, “हर समस्या का समाधान प्राथमिकता से होगा। अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जायेगा और हर योजना को जन-जन तक पहुंचाया जायेगा।”
कार्यक्रम की झलकियां
- आंगनबाड़ी के बच्चों को अन्नप्राशन और गर्भवती माताओं को गोदभराई
- महिला समूहों को लोन के चेक वितरण
- विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण
- आजीविका मिशन, कृषि योजनाएं, स्किल सेंटर की जानकारी
- धरती आबा के नाम भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर जनजातीय गौरव वर्ष की भावना को समर्पित यह आयोजन सिर्फ योजनाओं का जमावड़ा नहीं, बल्कि सम्मान, सेवा और सशक्तिकरण की यात्रा है।








