Ranchi : 27 जून से 5 जुलाई तक, रांची की धरती फिर से गूंज उठेगी भगवान जगन्नाथ के जयकारों से। सालों से चली आ रही यह ऐतिहासिक रथ यात्रा इस बार भी भक्तों के दिलों में एक नई उम्मीद जगायेगी। आज समाहरणालय के ब्लॉक-ए सभागार में रांची के DC मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इस मेला को भव्य, सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए ठोस निर्णय लिये गये। “जहां भगवान की डोली निकले, वहां हर कदम श्रद्धा और सुरक्षा साथ चले।” — यही मंत्र लेकर जिला प्रशासन और जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति के प्रतिनिधि जुटे हैं। DC मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा, “हम हर चुनौती से लड़ेंगे, हर बाधा को हटायेंगे ताकि भगवान जगन्नाथ की यह भव्य रथ यात्रा भक्तों की श्रद्धा का सच्चा उत्सव बने।”
जिला प्रशासन ने साफ किया है कि मेला क्षेत्र में अतिक्रमण हटाया जाएगा, ताकि हर श्रद्धालु को भगवान के दर्शन में कोई बाधा न आये। झूलों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी कड़क नियम लागू होंगे, ताकि मेला की खुशियां कभी दर्द में न बदले।बैठक में मंदिर न्यास समिति के प्रभारी अध्यक्ष रनेंद्र कुमार और सचिव मिथलेश कुमार समेत अन्य सदस्यों ने भी अपने-अपने सुझाव रखे। पेयजल की सुविधा से लेकर साफ-सफाई, चिकित्सा, यातायात प्रबंधन, अग्निशमन और पुलिस नियंत्रण कक्ष तक, हर पहलू पर जिला प्रशासन ने पूरी गंभीरता दिखाई।
ये रहेगा इंतेजाम
- पंचमुखी मुहाने पर वॉच टावर और साउंड सिस्टम
- मेला परिसर में चलंत शौचालय और चिकित्सीय सेवा
- मांस, मछली और शराब की बिक्री पर पूर्ण रोक
- महिला-पुरुष सुरक्षा बलों की तैनाती
- VIP लॉन्ज और सुविधाएं
- भगवान के तीनों विग्रहों का रंग रोगन












