Ranchi : ”भारत की आर्थिक यात्रा आज एक निर्णायक मोड़ पर है। PM नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने पिछले दशक में पारदर्शिता, सुशासन और विकास के मार्ग पर कदम बढ़ाया है। इस राह में GST सुधार 2025 एक मील का पत्थर साबित हुआ है। पहले 5%, 12%, 18% और 28% की जटिल दरें थीं। अब इसे केवल दो दरों 5% और 18% में बदल दिया गया। इसका अर्थ है घरेलू आवश्यक वस्तुयें (साबुन, टूथपेस्ट, ब्रेड) कर घटकर 5% या शून्य। वहीं, जीवन रक्षक दवायें 12% से घटाकर 0% या 5%। दोपहिया वाहन, छोटी कारें, टीवी, एसी, सीमेंट, 28% से घटाकर 18% कर दिया गया। वहीं, कृषि मशीनरी और सिंचाई उपकरण 12% से घटाकर 5% कर दिया गया।” यह कहना है राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा का। उन्होंने कहा कि यह केवल आंकड़ों में कमी नहीं, बल्कि मध्यम वर्ग की बचत, किसानों की लागत में कमी और छोटे उद्योगों की प्रतिस्पर्धा बढ़ाने वाला कदम है।
सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सुधार
राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने कहा कि शिक्षा जगत में किताब, पेंसिल, क्रेयॉन्स और ज्योमेट्री बॉक्स पर शून्य या 5% कर लगेगी। स्वास्थ्य सेवा में मेडिकल उपकरण और दवाओं पर दरों में कटौती। स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर GST छूट। कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था जगत में सस्ती कृषि मशीनरी, जैविक कीटनाशक, मधुमक्खी पालन उपकरण एवं कला और संस्कृति: हस्तशिल्प, मूर्तियां, लोककला और खिलौनों पर कर दरें घटाकर 5%। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से ग्रामीण कारीगरों की आजीविका सुरक्षित होगी और भारत की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षण मिलेगा। डॉ वर्मा ने कहा कि झारखंड को कई लाभ होंगे। निर्माण सामग्री और सीमेंट सस्ते होने से ग्रामीण बुनियादी ढांचे में तेजी आयेगी। कृषि उपकरण सस्ते होने से छोटे किसान लाभान्वित होंगे। छोटे उद्योग, स्टार्टअप और हस्तशिल्प कारीगर को बढ़ावा मिलेगा। प्रतिस्पर्धात्मक लाभ होगा। डॉ वर्मा ने कहा कि भाजपा झारखंड का संकल्प है, सुधार हर नागरिक तक पहुंचे, ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ की नीति साकार हो।












