Ranchi : राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में लगे खादी और सरस महोत्सव लोगों की अच्छी-खासी भीड़ खींची जा रही है। इस साल सरस मेला में पारंपरिक आदिवासी कला और संस्कृति को आधुनिक दृष्टिकोण से झलकाया गया है। वहीं, पलाश ज्वेलरी और वस्त्रों से सजे स्टॉल को दर्शकों ने खूब सराहा। मेले में झारखंड की कला, हस्तशिल्प और संस्कृति का जीवंत अनुभव झलका गया। मेले में झारखंड के स्थानीय स्वादिष्ट व्यंजनों, जैसे दीदी कैफे के पकौड़े, छिलका, बालूशाही और अन्य परंपरागत व्यंजन लोगों को खूब पसंद आये।
किताबों की दुनिया से रूबरू
खादी एवं सरस महोत्सव में लगे किताबें की स्टॉल सहसा लोगों की भीड़ अपनी ओर खींच रही है। यहां अध्यात्म से लेकर आदिवासी संस्कृति तक की सारी किताबें मिल रही है। रामकृष्ण मिशन आश्रम की ओर से पुस्तक विक्रय केंद्र लगाया गया है। यहां रामकृष्ण से जुड़ी हर तरह की किताबें उपलब्ध है। वहीं डॉ रामदयाल मुंडा जनजातीय कल्याण शोध रांची की ओर से भी प्रकाशन सह विक्रय केंद्र का स्टॉल लगाया गया है। यहां उरांव, संथाल, कोरबा, असुर, ट्राइबल लाइवहुड सहित हर तरह की पुस्तक उचित मूल्य पर उपलब्ध है। योगदा सत्संग समिति की तरफ से भी स्टॉल लगाया गया है, जहां परमहंस योगदानंद और योगदा सत्संग से जुड़ी हर तरह की किताबें यहां मिल रही है। शनिवार को मेले में कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा रांची के मुकेश तिवारी एवं उनके दल द्वारा हिन्दी गायन एवं सिम्मी गोस्वामी एवं उनके दल और वर्षा रितु द्वारा नृत्य नाटिका प्रस्तुत किया गया। लोगों ने मेले में जमकर खरीदारी की।
मेले में Mrs-Khadi Fashion Show को जैविक बास्केट द्वारा प्रायोजित किया गया, जिसमें Mrs- Khadi Fashion Show में मिसेस खादी प्रथम मीनाक्षी पांडेय एवं द्वितीय कृति सहाय एवं तृतीय रीना कुमारी रही। बच्चों के लिए आयोजित गायन प्रतियोगिता में पांच से बारह आयु वर्ग में प्रथम स्थान आकाश गुप्ता, द्वितीय स्थान ऐश्वर्यम शर्मा एवं तृतीय स्थान जशरीत कौर ने हासिल किये।
कल के कार्यक्रम
कला एवं संस्कृति विभाग के द्वारा रविवार को पंकज कुमार एवं उनके दल द्वारा संगीत बनारस घराना, आदर्श कुमार एवं ग्रुप द्वारा सूफी संगीत गायन, चुटू सिंह मुंडा एवं उनके दल द्वारा आदिवासी छऊ नृत्य और माधवी कुमारी एवं उनके दल द्वारा हिन्दी गायन की प्रस्तुति दी जायेगी।














