- नहीं बच सका युवक, अस्पताल ले जाने के दौरान चली गई जान
गिरिडीह: कोरोना ने सोच और मानवीय रिश्ते के मायने को भी बदल कर रख दिया है। मानवीय दायित्व और अपनेपन तक को तार-तार कर दिया है। झारखंड के गिरिडीह जिले में भी इस प्रकार का मामला सामने आया है। शहर के अलकापुरी में एक कोरोना संक्रमित व्यक्ति प्रवीण कुमार गुप्ता तीन दिनों से बीमार थे। उनको अस्पताल ले जाने वाला कोई नही था। उनकी हालत अचानक गंभीर हो गई है।
गंभीर रूप से बीमार प्रवीण छटपटाता रहा। मदद के लिए आस-पड़ोस से कोई नहीं आया। पत्नी अकेली पति को संभालती रही। पत्नी मदद के लिए चीखती-पुकारती रही लेकिन किसी ने मदद नहीं की। पड़ोसियों ने बेरुखी दिखाई। अपना दरवाजा बंद कर लिया।
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पति को लेकर अस्पताल के लिए निकली पत्नी, रास्ते में हो गई मौत
किसी की मदद से पत्नी ने दोपहर करीब 1 बजे एक एंबुलेंस को बुलाया और हिम्मत कर पति को लेकर अस्पताल के लिए निकल पड़ी। एम्बुलेंस जैसे ही आगे बढ़ा तड़पते युवक ने दम तोड़ दिया। मामला पचंबा थाना क्षेत्र की है। प्रवीण कुमार गुप्ता किराए के मकान में पत्नी व दो बच्चों के साथ रहते थे।
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घंटों बाद पहुंचा प्रशासन
कोरोना संक्रमण के डर से कोई पहुंचने की हिम्मत नहीं जुटा रहा था। अंत में करीब 5 घंटे बाद एसडीएम प्रेरणा दीक्षित, सीओ रवि भूषण प्रसाद, थाना प्रभारी पहुंचे। प्रशासन की खबर पर बेंगाबाद से परिजन पहुंचे, फिर एंबुलेंस से ही उसे बरमसिया श्मशान घाट लेचर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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