Bihar : बिहार में मानसून के दोबारा सक्रिय होते ही मौसम ने रुख ऐसा बदला कि राज्य के 32 जिलों में येलो अलर्ट जारी करना पड़ा। पटना और मुंगेर में गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, तो वहीं मुंगेर के कुतलुपुर पंचायत में कटाव ने लोगों की नींदें उड़ा दी हैं। घर डूबने लगे हैं, लोग पलायन कर रहे हैं जैसे किसी नदी ने गांव से रिश्ता तोड़ दिया हो।
इन जिलों में अलर्ट है?
चंपारण से लेकर पूर्णिया तक, राज्य के हर कोने में खतरे की घंटी बजी है। पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, सहरसा, दरभंगा, गया जैसे बड़े जिले भी इस चेतावनी की चपेट में हैं। मौसम बिगड़ने के दौरान 40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं, बिजली गिरने की आशंका, भारी बारिश और जलभराव और बाढ़ जैसी संभावनायें हैं।
जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि जलभराव में न उतरें, खुले तारों और ऊंचे पेड़ों से दूर रहें, सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर शरण लें। अब तक राज्य में सामान्य से 26% कम बारिश हुई है, लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि 1 सितंबर से मानसून फिर रफ्तार पकड़ेगा।






