UP : कानपुर की दोपहर धूप से ज्यादा झुलसा देने वाली खबर लेकर आई। एक मां ने सिर्फ इतना कहा था “बेटा, जरा आवाज धीमी कर दो…” लेकिन 12वीं में पढ़ रहे बेटे के कानों में वो टोकना, ताने जैसा चुभ गया। बेटे ने पहले जुबान से जहर उगला। जब मां ने दो थप्पड़ जड़ दिये, तो वह रौद्र बन गया। गुस्से की गर्मी में ममता की मूरत को उसी के दुपट्टे से घोंट डाला। दीवान में छिपा दिया जैसे अपराध को किसी कोने में दबा देगा। छोटा भाई जब स्कूल से लौटा। मां को आवाज़ें दीं कोई जवाब नहीं आया। तभी उसकी नजर दीवान से बाहर झांकते दुपट्टे पर पड़ी। खोला तो मां की टूटी सांसें और खुली आंखें मिलीं। पड़ोसी दौड़े, अस्पताल भागे… पर मां जा चुकी थीं। मां, जो कभी पति के जाने के बाद अकेले दो बेटों को पाल रही थी, अब खुद एक बेटे की नासमझ नफरत की भेंट चढ़ गई। घर में मां-बेटा थे। 17 साल पहले पिता की मौत हो चुकी थी। 35 साल की मां एक युवक के साथ लिव-इन में रहती थी। उस दिन वह युवक काम के सिलसिले में शहर से बाहर था। DCP वेस्ट दिनेश त्रिपाठी के मुताबिक, मामला आपसी कहासुनी से शुरू हुआ, लेकिन अपराध की शक्ल ले बैठा। आरोपी बेटे से पूछताछ जारी है। साइकोलॉजिकल एंगल भी जांच में है।







