Chouparan(Krishna Paswan) : वीरता, बलिदान और देशभक्ति की मिसाल बने अमर शहीद अजीत कुमार सिंह के 13वें शहादत दिवस पर चौपारण की धरती भावनाओं से भर उठी। झापा पंचायत के बिशनपुर निवासी शहीद अजीत को बुधवार को दैहर मोड़ स्थित शहीद अजीत कुमार सिंह चौक पर श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया गया। श्रद्धांजलि सभा में जनसैलाब उमड़ा, हर आंख नम थी और हर जुबान पर एक ही स्वर, शहीद अजीत अमर रहें। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। शहीद के पिता रविन्द्र कुमार सिंह, भाई पप्पू सिंह सहित परिवार के सदस्यों ने भावुक मन से श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद BDO नितेश भास्कर, थानेदार सरोज सिंह चौधरी और जिप सदस्य राकेश रंजन ने भी पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद के बलिदान को नमन किया। BDO नितेश भास्कर ने कहा कि शहीद कभी मरते नहीं, वे अमर रहते हैं। अजीत कुमार सिंह का बलिदान समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिये प्रेरणास्रोत है। जिप सदस्य राकेश रंजन ने कहा कि शहीद अजीत का जीवन देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल है। युवाओं को उनके आदर्शों पर चलकर देश के लिए सकारात्मक योगदान देना चाहिये। कार्यक्रम के दौरान एक क्षण ऐसा भी आया, जब शहीद के पिता BDO से मिलते हुये अपने आंसू नहीं रोक पाये। BDO ने उन्हें गले लगाकर ढांढस बंधाया। यह दृश्य मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर गया। कार्यक्रम के अंत में दो मिनट का मौन रखकर शहीद की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
2013 की वो शहादत, जो आज भी जिंदा है
गौरतलब है कि 4 फरवरी 2013 को गिरिडीह जिले के पीरटांड थाना क्षेत्र में उग्रवादियों के साथ मुठभेड़ के दौरान अजीत कुमार सिंह ने अदम्य साहस का परिचय देते हुये देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर कर दिये थे। उनकी शहादत आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है।








