Ranchi : झारखंड के CM हेमंत सोरेन ने आज आला अधिकारियों के साथ हाई लेवल मीटिंग की। उन्होंने साफ कहा कि “अब MOU कागज पर नहीं, जमीन पर दिखना चाहिये।” World Economic Forum (WEF) के मंच पर हुये समझौते और यूनाइटेड किंगडम (दावोस) यात्रा के दौरान बने निवेश संबंध अब अमलीजामा पहनने की तैयारी में हैं। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को निवेश और औद्योगिक प्रगति की विस्तृत जानकारी दी। CM हेमंत सोरेन ने साफ निर्देश दिया कि राज्य में टेक्सटाइल उद्योग, उच्च शिक्षा, फूड प्रोसेसिंग, आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स, क्रिटिकल मिनरल्स, पर्यटन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाये। सरकार का मकसद साफ है कि राज्य में निवेश बढ़े, रोजगार बढ़े और झारखंड आत्मनिर्भर बने। CM हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड के लोग दूसरे राज्यों में जाकर टेक्सटाइल में काम करते हैं, अब वक्त है कि रोजगार यहीं पैदा हो। एक मजबूत टेक्सटाइल पॉलिसी से खासकर महिलाओं के लिये बड़े पैमाने पर रोजगार के दरवाजे खुल सकते हैं। CM हेमंत सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि निवेशकों के प्रस्ताव और MOU को तेजी से लागू करें, ताकि जल्द से जल्द उद्योग लगें और युवाओं को नौकरी मिले। हाई लेवल मीटिंग में यह भी तय हुआ कि युवाओं के लिये रोजगार सृजन हो, किसानों की आय बढ़ाने के उपाय हो, महिलाओं के सशक्तिकरण के लिये विशेष योजनायें बने। इन तीनों मोर्चों पर एक साथ काम किया जायेगा।
क्रिटिकल मिनरल्स और रिसर्च पर जोर
CM हेमंत सोरेन ने निर्देश दिया कि क्रिटिकल मिनरल्स के रिसर्च, उत्पादन और प्रोसेसिंग को बढ़ावा दिया जाये। वहीं, यूनाइटेड किंगडम के संस्थानों के साथ मिलकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाए जायें। वहीं, पर्यटन को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। मेगालिथ और मोनोलिथ स्थलों की जियो टैगिंग कर उनके संरक्षण और विकास की योजना बनाई जायेगी। ताकि झारखंड का पर्यटन भी वैश्विक नक्शे पर चमक सके। इस अहम बैठक में मुख्य सचिव से लेकर विभिन्न विभागों के सचिव और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने विकास की इस नई रणनीति को आकार दिया।






