Ranchi : रांची की फिज़ाओं में आज सवाल तैर रहा है कि जब डैम लबालब पानी से भरा है, तब भी सिकिदिरी जल विद्युत परियोजना क्यों ठप है? झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के अध्यक्ष अजय राय ने इसे “राज्य की आर्थिक आत्महत्या” बताया और सीधा CM हेमंत सोरेन से सवाल दागा “जब ₹0.87 प्रति यूनिट में अपनी हरित ऊर्जा मिल सकती है, तब जनता की गाढ़ी कमाई 5-7 रुपये प्रति यूनिट देकर बाहरी बिजली पर क्यों लुटाई जा रही है? क्या यह भ्रष्टाचार नहीं?”
अजय राय ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और लालफीताशाही ने इस परियोजना को जकड़ रखा है। 2018 में आंशिक उत्पादन शुरू होने के बावजूद संयंत्र को बंद रखा गया। नतीजा अब तक लगभग 6 हजार करोड़ का नुकसान। श्रमिक संघ ने मांग की स्वतंत्र जांच हो, दोषियों पर कार्रवाई हो और संयंत्र तुरंत चालू किया जाये। अजय राय का तीखा सवाल “लबालब डैम के बावजूद अगर संयंत्र बंद है, तो क्या सरकार की चुप्पी इस घोटाले में शामिल होने का इशारा है?”








