- सॉलिड वेस्ट डंप का कायाकल्प कर बनाया पिकनिक स्पॉट
JHARKHAND : 22 मई को International Bio-Diversity Day यानी अंतरराष्ट्रीय जैव विवधता दिवस के रूप में मनाया जाता है। झारखंड में टाटा स्टील द्वारा कई ऐसे काम किए गए हैं, जो जैव विवधता की हिफाजत का बेहतर उदाहरण साबित हो रहे हैं। नाओमुंडी में पक्षियों की प्रजातियों को बचाने की पहल हो या फिर औषधीय पार्क का निर्माण , जमशेदपुर में म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट डंप का पिकनिक क्षेत्र के रूप में कायाकल्प करना हो या फिर ‘स्नेक्स आर फ्रेंड्स’ के प्रति लोगों को जागरूक करने का काम हो, सभी में टाटा स्टील ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।
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नोआमुंडी में जैव विविधता का खजाना
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में स्थित नोआमुंडी में विविध वनस्पतियों और जीवों का खजाना है। यहां भिन्न-भिन्न प्रजातियों के सरीसृपों व पक्षियों की कई अनोखी प्रजातियों का एक प्राकृतिक आवास है। पिछली एक शताब्दी के दौरान नोआमुंडी में स्थित टाटा स्टील का आयरन ओर माइंस ने सस्टेनेबल माइनिंग अभ्यायों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के साथ इस क्षेत्र में जैव विविधता को संरक्षित करने और बढ़ाने में अहम योगदान दिया है और विश्व जैव विविधता दिवस, वार्षिक पुष्प प्रदर्शनी, ‘स्नेक्स आर फ्रेंड्स’ प्रोग्राम और जैव-कला विविधता आदि जैसे कई अन्य अनूठी पहल की शुरुआत की है। ये कार्यक्रम क्षेत्र में जैव विविधता के संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
130 से अधिक घोंसलों के बक्से
टाटा स्टील द्वारा नाओमुंडी में ‘निच नेस्टिंग’ सहित कई पहल की गई। ‘निच नेस्टिंग’ की पहल ने आसपास के क्षेत्रों में पक्षियों की 18 प्रजातियों के संरक्षण के लिए 130 से अधिक घोंसले के बक्से प्रदान किए हैं।
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हरियाली संरक्षण की प्रतिबद्धता
खनन के बाद वनीकरण और कई पार्क जैसे कि सर दोराबजी टाटा बॉटनिकल पार्क, हिबिस्कस पार्क, नक्षत्र पार्क और नोआमुंडी में औषधीय पार्क का निर्माण भी खनन क्षेत्रों में हरियाली को संरक्षित करने के लिए टाटा स्टील की प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करता है। हिबिस्कस पार्क 3000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें मॉलॉर्का, वेलाचेरी, हवाई और मोशेयूटोस किस्मों सहित हिबिस्कस की 50 से अधिक प्रजातियां हैं। 1996 में स्थापित सर दोराबजी टाटा पार्क में बटरफ्लाई पार्क, एक कैक्टस हाउस, एक अमेजन रेन फॉरेस्ट और एक रेन वाटर हार्वेस्टिंग पार्क भी हैं। ये पार्क इस क्षेत्र की जलवायु परिस्थितियों में सुधार करते हुए कई जानवरों, पौधों और कीट प्रजातियों के प्राकृतिक आवास को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण रहे हैं।
जुगसलाई मक डंप का पारस्थितिकीय कायाकल्प
वर्षों से मुख्यतः 64% बालू और 36% सिल्ट (गाद) अवयव के साथ लोहा व कोयला वाले सिंडर और स्लैग की डंपिंग से जुगसलाई मक डंप (जेएमडी) का निर्माण हुआ है। मिट्टी की इन विशेषताओं से पता चलता है कि यह स्थल किसी भी कार्बनिक पदार्थ से विहीन है और यहां का तापमान भी काफी ऊंचा है। इसलिए यह सामान्य परिस्थितियों में सस्टेनेबल जैविक विकास के लिए किसी भी तरह से अनुकूल नहीं है। इन परिस्थितियों में, पारंपरिक विधियों से हट कर वनस्पतियों के विकास में मदद के लिए विशेष प्रयोग की जरूरत थी। जुगसलाई मक डंप (जेएमडी) भारत के झारखंड राज्य के जमशेदपुर शहर में स्थित है। यहां जेएमडी की मिट्टी की स्थितियों और विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए, मक डंप के जैविक पुनःनिर्माण के लिए ढलान स्थिरीकरण और वनस्पति विकास के लिए एक व्यापक पुनर्वास योजना पर काम किया गया।
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जेएमडी एक ईको पार्क के रूप में विकसित
जेएमडी अब एक ईको पार्क के रूप में विकसित हो चुका है और इसने डंप एरिया के पर्यावरणीय प्रभाव को न्यूनतम कर क्षेत्र में जैव विविधता को भी बढ़ाया है।
सस्टेनेबल विकास के लिए रणनीति
सस्टेनेबिलिटी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के तहत टाटा स्टील ने दिसंबर 2020 में दलमा व्यू प्वाइंट, जमशेदपुर में एक्सएलआरआई मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट से सटे मरीन ड्राइव (वेस्टर्न कॉरीडोर) पर एक पिकनिक क्षेत्र का निर्माण किया। 5 एकड़ के क्षेत्र में फैला ‘दलमा व्यू प्वाइंट’ जमशेदपुर स्टील वर्क्स और इसके आसपास की हरियाली को बेहतर बनाने के लिए टाटा स्टील की रणनीतिक प्रतिबद्धता है। यह सस्टेनेबिलिटी के प्रति टाटा स्टील की अन्यान्य कटिबद्धता है, जिसे कंपनी ने पुनः दोहराया है और यह स्वच्छ व हरित वातावरण न सिर्फ क्षेत्र की खूबसूरती को बढ़ाया है, बल्कि जैव विविधता और सस्टेनेबल विकास को संरक्षित करने में मदद कर रहा है। पिकनिक क्षेत्र में लगे विभिन्न प्रकृति और महत्व के पेड़-पौधे व झाड़ियां तितलियों, पक्षियों और कीटों की विभिन्न प्रजातियों को आकर्षित कर रहे हैं। ‘दलमा व्यू प्वाइंट’ जमशेदपुर में परिवार के साथ सैर के रूप में अधिक जगहों को विकसित करने की लोगों की लंबे समय से की जा रही मांग को पूरा किया है।








