Chouraran(Krishna Paswan) : हजारीबाग के चौपारण प्रखंड की दुर्गम पहाड़ियों में बसे चोरदाहा पंचायत के बिरहोर आदिम जनजाति समुदाय की आंखों में टपके आंसू को पोंछने आज खुद DC शशि प्रकाश सिंह बाइक से जमुनियातरी गांव पहुंचे। कच्चे रास्तों, पथरीली ढलानों और घने जंगलों को पार करते हुये। गांव में उन्होंने ग्रामीणों के बीच बैठकर स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और आवास की समस्याएं सुनीं। छोटी सी मासूम सरस्वती कुमारी की इलाज के अभाव में हुई दर्दनाक मौत ने पूरे जिले को झकझोर दिया। और अब हालात बदलने की दस्तक उस बस्ती तक पहुंच चुकी है, जहां अब तक सरकारी योजनाओं की गूंज भी धुंध में खो जाती थी। मौके पर स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया। कई बच्चों में एनीमिया (खून की कमी) की पुष्टि हुई। DC ने इसे “गंभीर और अस्वीकार्य स्थिति” करार दिया। सरस्वती की मौत को लेकर लापरवाही की आशंका को गंभीरता से लेते हुये उन्होंने जांच समिति गठित कर जल्द रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी। DC शशि प्रकाश सिंह ने साफ कहा कि “बिरहोर समुदाय को हर जरूरी सुविधा दी जायेगी। DC शशि प्रकाश सिंह ने हर हफ्ते गांव में नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाने को कहा है। आंगनबाड़ी सेविका और शिक्षक रोज गांव की निगरानी करेंगे गांव की एक महिला को ‘सहिया’ के रूप में चयनित किया जायेगा, गांव तक पक्की सड़क बनाने का आश्वासन दिया गया। बिरहोर समुदाय की दो छात्राओं को एएनएम प्रशिक्षण दिलाने का वादा किया गया। मौके पर सिविल सर्जन, SDO, CO, BDO, एवं थानेदार सहित सभी आला अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और समुदाय के लोग मौजूद रहे।






