Ranchi : झारखंड में कुड़मी समाज ने एक बार फिर अपनी पुरानी मांग को लेकर हल्ला बोल दिया है। आदिवासी दर्जा देने की मांग को लेकर समाज के लोगों ने ‘रेल रोको आंदोलन’ शुरू कर दिया है। शनिवार सुबह से ही रांची, बोकारो, गिरिडीह समेत कई जिलों में लोग हाथों में झंडा लिए रेलवे ट्रैक पर बैठ गये। कुड़मी समाज का कहना है कि जब तक उन्हें आदिवासी का दर्जा नहीं दिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। सुबह 4 बजे से ही मूरी, रांची और अन्य छोटे-बड़े स्टेशनों पर ट्रैक जाम कर दिये गये।
रेलवे संचालन ठप, ट्रेनें रद्द और मार्ग बदले
इस आंदोलन का असर रेलवे पर साफ दिखा। हटिया-बर्द्धमान और हटिया-खड़गपुर मेमू एक्सप्रेस रद्द कर दी गईं। वहीं, धनबाद-आलप्पुझा एक्सप्रेस अब 11:35 की बजाय शाम 6:35 बजे चलेगी। रांची-चोपन एक्सप्रेस को रांची-टोरी होकर डायवर्ट कर दिया गया है। जेएलकेएम के सुप्रीमो और विधायक जयराम महतो ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है।
तीन साल से जारी है आंदोलन की तपिश
कुड़मी समाज की यह मांग नई नहीं। 2022 और 2023 में भी ठीक इसी तारीख को आंदोलन शुरू हुआ था, जो 7-9 दिन तक चला। हालांकि 2024 में चुनावी व्यस्तता के कारण आंदोलन नहीं हुआ, लेकिन इस बार यह फिर जोर पकड़ता दिख रहा है।
प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा बल तैनात
रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती कर दी गई है, लेकिन अब तक प्रदर्शनकारियों को रोकने में पुलिस को खास सफलता नहीं मिली है।






