KohramLive : एक भाई की चिता ठंडी भी नहीं पड़ी कि दूसरे भाई की चिता सज गई। गहरा झटका इस परिवार को तब लगा जब तीसरे भाई की भी अर्थी उठानी पड़ी। मतलब गुजरे 2 रोज में एक ही घर से तीन सगे भाइयों का जनाजा निकला। दृश्य इतना दारुण था कि हर किसी का दिल दरक गया। पूरा गांव रो पड़ा। किसी को समझ में ही नहीं आया कि आखिर ऐसे कैसे क्या हो गया। खबर पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची। शुरुआती जांच में पुलिस को भी कुछ क्लू नहीं मिल पाया। तब पुलिस ने “कॉज ऑफ डेथ” जानने के इरादे से भाइयों की डेड बॉडी का पोस्टमार्टम कराया। पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
सगे तीन भाइयों के रहस्यमय अंत ने कर किसी को चौंका डाला है। जितनी जुबां उतनी तरह की चर्चा पूरे गांव में हो रही है। कुछ लोग हौले से यह बोल गए कि तीनों भाई कभी-कभी नशापान कर लिया करते थे। लेकिन ऐसा कुछ भी उनके घर में नहीं मिला। केवल एक दवा की शीशी मिलने की बात सामने आयी है। पुलिस ने इस शीशी को जब्त कर लिया है।
सबसे बड़े भाई भगवान चौधरी की मौत सोमवार की सुबह हुई। लगभग 60 साल के भगवान को उल्टी और पेट में दर्द होने की बात उछलकर सामने आई है। उसी दिन यानि सोमवार की रात 56 साल के मझले भाई राजाराम चौधरी को भी यह शिकायत हुई। उन्हें भी उल्टी और पेट दर्द हुआ। कुछ देर बाद वह भी चल बसे। घर में कोहराम मच गया। हर कोई रोने-कांधने लगे। इस सदमे से परिवार के लोग निकल भी नहीं पाए थे कि फिर एक खबर ने पूरे परिवार को बेचैन कर दिया। यह खबर दूसरे दिन यानि मंगलवार को सामने आयी। मनहूस खबर यह थी कि तीसरे भाई 52 साल के दशरथ चौधरी के पेट में भी दर्द शुरू हो गया। इन्हें हॉस्पिटल ले जाने तक का मौका नहीं मिला। तीसरे भाई के भी प्राण निकल गए। एक-एक कर तीनों भाई की अर्थी एक ही आंगन में सजी। तीनों भाइयों का जनाजा एक साथ निकला। परिवार के लोगों का हाल देख वहां मौजूद हर किसी के आंखों में आंसू छलक आए। दिल को झकझोर देने वाली यह घटना बिहार के रोहतास से सामने आई है।
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