kohramlive desk : डीआरडीओ ने अग्नि प्राइम मिसाइल का आज सुबह 10 बजकर 55 मिनट पर ओडिसा के तट पर डॉ अब्दुल कलाम टापू पर सफल परीक्षण किया है। ये मिसाइल पूरी तरह नई परमाणु सक्षम कम्पोजिट मैटिरियल से बनी हुई है। अग्नि प्राइम को 4000 किलोमीटर की रेंज वाली अग्नि 4 और 5000 किलोमीटर की रेंज वाली अग्नि 5 मिसाइल में इस्तेमाल होने वाली अत्याधुनिक तकनीकों को मिलाकर इस मिसाइल को बनाया गया है। इस मिसाइल से अब दुश्मनों के वॉरशिप 2,000 किलोमीटर दूर तक ध्वस्त होंगे।
DRDO successfully test-fires Agni-Prime missile
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— ANI Digital (@ani_digital) June 28, 2021
India successfully test-fired the Agni-Prime missile today, off the coast of Odisha.
It can hit targets up to a range of 2000 kms, & is very short & light in comparison with other missiles in this class. A lot of new technologies incorporated in the new missile: DRDO officials pic.twitter.com/zq7ffypqFM
— ANI (@ANI) June 28, 2021
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बता दें कि भारत ने पहली बार साल 1989 में अग्नि मिसाइल का परीक्षण किया था। उस समय अग्नि मिसाइल की मारक क्षमता तकरीबन 700 से 900 किलोमीटर थी। इसके बाद साल 2004 में इसे भारतीय सेना में शामिल किया गया था।
इस मिसाइल की खासियत क्या है
इस मिसाइल की रेंज 1 हजार से 2 हजार किलोमीटर तक है। अग्नि प्राइम मिसाइल को एडवांस रिंग लेजर गैरोंस्कोप पर आधारित नेविगेशन सिस्टम द्वारा निर्देशित किया जाता है। ये 2 स्टेज और सॉलि़ड फ्यूल पर आधारित मिसाइल है। इसका गाइडेड सिस्टम इलेक्ट्रो मैकेनिकल एक्यूटर से लैस है। सिंगल स्टेज वाले अग्नि 1 के विपरीत डबल स्टेज वाले अग्नि प्राइम को सड़क और मोबाइल लांचर दोनों से दागा जा सकता है।
मेक इन इंडिया के तहत भारतीय वैज्ञानिक स्वदेशी ज्ञान कौशल से निर्मित मिसाइलों का निर्माण उनके कल पुर्जों का निर्माण उनके टेक्नोलॉजी का निर्माण खुद करने लगे हैं। आज के परीक्षण से भारत को मिसाइल क्षेत्र में मानो महारथ हासिल हुई है।
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