Ranchi (Akhilesh) : ”चाहे जैसा भी दुख-कष्ट हो, सब भोलेबाबा दूर कर देते हैं। दहकते अंगारों में नंगे पांव चलने में कोई कष्ट नहीं होता। भोलेबाबा हर मनोकामना पूरा कर देते हैं। रोग-बीमारी तक दूर हो जाती। पढ़ाई-लिखाई तक में मन लगने लगता।” यह कहना है मंडा पूजा में आये भक्तों का। दहकते अंगारों पर नंगे पांव चल भगवान शिव की आराधना में लीन भक्तों की आस्था गजब का नजारा दिखा गई। यह नजारा था राजधानी रांची से सटे नामकुम के रामपुर गड़के गांव का। क्या छोटा, क्या बड़ा, हर कोई आस्था के भंवर में गोते लगा रहा था।
युवा शिवपूजा समिति के द्वारा आयोजित मंडा पूजा में भक्तों ने नंगे पांव दहकते अंगारों पर चल मन्नतें मांगी। छोटे-छोटे बच्चों को भी गोद में लेकर अंगारों पर चले, ताकि उनके बच्चों का रोग-बीमारी दूर हो जाये। 8 से 9 साल तक बच्चों के मन में आस्था देखी गई। एक बच्चा का कहना था कि वो अपने पूर्वजों से प्रेरित होकर यह पूजा-पाठ करता है, उसका मकसद है कि उसकी पढ़ाई-लिखाई बेहतर हो जाये।
मंडा पूजा के आयोजन में जुटे भक्तों ने बताया कि 60 भोक्ता एवं भोक्ताईन बीते 20 अप्रैल से ही उपवास में हैं। सभी भक्तजन अंगारे पर चलकर अपने परिवार, गांव एवं क्षेत्र में खुशहाली की कामना करते हैं। बुधवार को झूलन कार्यक्रम होगा। भोक्ता खूंटा में झूलकर ऊपर से फूल बरसाएंगे। भक्त यह फूल ग्रहण कर अपने-अपने घरों में रखेंगे। इस फूल को भगवान का प्रसाद माना जाता है। गुरूवार को छठी के अवसर पर भोक्ता अपने जनेउ उतारकर भोजन ग्रहण करेंगे।
इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में समिति के अध्यक्ष प्रदीप लकड़ा, उपाध्यक्ष अनिल लकड़ा, सचिव संजीव लकड़ा, कोषाध्यक्ष सूरज लकड़ा, राजा लकड़ा, ग्राम प्रधान सुनील लकड़ा, प्रेम लकड़ा, शंकर तांती, मदन टोप्पो, संजय साहू, उमेश कच्छप, अनिल उरांव, मादी लकड़ा, लेगो कच्छप, मारिया कच्छप सहित कई अन्य दिन-रात जुटे हैं।
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