Kohramlive desk: जैसे-जैसे इंटरनेट का इस्तेमाल बढ़ रहा है। साइबर क्राइम(Cyber Crime)बढ़ता जा रहा है। ठग रोजाना नए-नए तरीकों से ऑनलाइन फ्रॉड को अंजाम दे रहे हैं। इससे निपटने के लिए केंद्र सरकार ने शिकायत के लिए 155260 नंबर जारी किया था। लेकिन अब इस नंबर की जगह दूसरा नंबर लॉन्च किया गया है। ये नंबर गृह मंत्रालय (Home Ministry) के निर्देश पर जारी किया गया है और वेबसाइड पर भी दिखाई दे रहा है जो देशभर में लागू होगा। नए जारी हुए नंबर पर कॉल कर आप अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
ये नंबर जारी किया गया
गृह मंत्रालय ने 155260 की जगह 1930 हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। साइबर एक्सपर्ट श्याम चन्देल ने बताया की साइबर अपराध के मामलों की बढ़ती संख्या के जवाब में गृह मंत्रालय के निर्देश पर पुलिस विभाग ने एक नया साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 शुरू किया है। ये नंबर पहले से संचालित टोल फ्री नंबर 155260 की जगह लेगा। टोल फ्री नंबर को चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा। नया साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के साथ-साथ पुराना 155260 नंबर भी काम करेगा।
Helpline Number 155260 has been changed to 1930. In case of cyber fraud, may register complaint at https://t.co/pVyjABL7qd and take assistance on #helpline No. 1930. pic.twitter.com/MjODSHHNO7
— Cyber Dost (@Cyberdost) February 17, 2022
शिकायत तुरंत दर्ज करें
श्याम चन्देल ने बताया कि पिछले कुछ सालों में देश में डिजिटल व ऑनलाइन बैंकिंग का चलन तेजी से बढ़ा है तो वहीं प्रतिदिन साइबर क्राइम से जुड़ी घटनाएं भी बढ़ी हैं। हालांकि, जब भी हमारे साथ कुछ ऐसा होता है तो जानकारी की कमी के चलते हम तुरंत धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज नहीं करा पाते हैं। ऐसे में कुछ तरीकों के जरिए लोग मिनटों में अपनी शिकायत दर्ज करा पाएंगे। इसके लिए सबसे पहले प्रार्थी अपनी शिकायत साइबर पोर्टल पर भी दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए उसे आधिकारिक पोर्टल (https://cybercrime। gov। in/) पर विजिट करना होगा।
रिकवर हो सकती है राशि
साइबर एक्सपर्ट श्याम चन्देल ने बताया कि जैसे ही, जिसके साथ साइबर फ्रॉड हुआ है वो 1930 नंबर पर फोन लगाएगा तो वहां से आपके साथ हुए फ्रॉड की पूरी जानकारी ली जाएगी। जैसे कौन से अकाउंट से से राशि कटी, फ्रॉड का तरीका क्या था, कितनी राशि कटी आदि। फिर वो खुद भी अनुसंधान में जुट जाएंगे और संबंधित पुलिस स्टेशन को भी सूचना दे देंगे। ऐसे आपकी ठगी राशि भी रिकवर हो सकती है।












