Patna : CM सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बिहार कैबिनेट की अहम बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से भर्ती, कृषि, उद्योग, आधारभूत संरचना और पेयजल से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी साझा की। कैबिनेट के फैसलों में 22 हजार आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका की बहाली, बंद चीनी मिलों का पुनर्जीवन, जमुई में दो नये पुलों का निर्माण, अमृत 2.0 के तहत जलापूर्ति योजनाएं और सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना प्रमुख हैं।
22 हजार आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका की होगी बहाली
राज्य में रोजगार के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुये समेकित बाल विकास सेवाएं (ICDS) के तहत 22 हजार आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका पदों पर नियुक्ति का फैसला लिया गया है।सरकार का कहना है कि इससे आंगनबाड़ी सेवाओं को मजबूती मिलेगी और बड़ी संख्या में महिलाओं को रोजगार का अवसर प्राप्त होगा। कैबिनेट ने दरभंगा के रैयाम और मधुबनी के सकरी स्थित बंद चीनी मिल परिसरों में नई सहकारी चीनी मिलों और गन्ना उपोत्पाद आधारित उद्योगों की स्थापना को मंजूरी दी है। सरकार के अनुसार, इस पहल से गन्ना किसानों को बेहतर बाजार मिलेगा। स्थानीय युवाओं के लिये रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मिथिलांचल में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। जमुई में दो हाई लेवल आरसीसी पुल बनेंगे। पथ निर्माण विभाग ने जमुई जिले में NH-333A पर दो बड़े पुल निर्माण की योजनाओं को स्वीकृति दी है। करीब 93.82 करोड़ रुपये लागत से क्यूल नदी पर पुल बनेगा। वहीं, 55.96 करोड़ रुपये लागत से मंगोबंदर-सुकनर नदी पर पुल बनेगा। इन पुलों के निर्माण से क्षेत्र में आवागमन आसान होगा और व्यापार, कृषि तथा स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
अमृत 2.0 के तहत दो जलापूर्ति परियोजनाओं को मंजूरी
शहरी क्षेत्रों में पेयजल सुविधा मजबूत करने के लिये अमृत 2.0 मिशन के तहत दो बड़ी जलापूर्ति योजनाओं को स्वीकृति दी गई है। लखीसराय जलापूर्ति परियोजना में 150.96 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं, किशनगंज जलापूर्ति परियोजना में 53.71 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सरकार के अनुसार, इन योजनाओं के पूरा होने के बाद लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। वहीं, बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना के लिए 106.39 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस योजना के तहत वेजफेड की त्रिस्तरीय सहकारी व्यवस्था को मजबूत किया जायेगा। प्रखंड स्तर पर आधारभूत संरचना विकसित होगी। सहकारी समितियों को कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराई जायेगी। सब्जियों के सुरक्षित परिवहन के लिए रीफर वाहनों की व्यवस्था की जायेगी। किसानों, महिलाओं और आम लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं के माध्यम से बिहार में रोजगार, कृषि, उद्योग और आधारभूत विकास को नई दिशा मिलेगी।







