Kohramlive : देश के बहुचर्चित श्रद्धा वाल्कर हत्याकांड में अदालत ने संदेही गुनाहगार आफताब अमीन पूनावाला के खिलाफ हत्या और सबूत मिटाने की धाराओं के तहत आरोप तय किये। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने आफताब के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य और सबूत पेश किये हैं। हालांकि संदेही आफताब ने वारदात में शामिल होने से इनकार कर दिया। कोर्ट में आफताब के मुकर जाने से हर कोई खासकर हैरान और परेशान है। गिरफ्तारी के बाद आफताब ने पुलिस को दिये अपने बयान में अपना गुनाह कबूल किया था। आफताब की निशानदेही पर पुलिस ने श्रद्धा के शव के टुकड़ों को गुरूग्राम और महरौली के जंगल से बरामद की थी। यहां तक की वीडियोग्राफी तक हुई थी। उसका नार्को और लाई डिटेक्टर टेस्ट तक में गुनाह कबूल किया था।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आफताब को इस बात का एहसास है कि कहां, कब और क्या बोलना है। उसे पता था कि अब तक पुलिस के सामने दिये गये उसके सभी बयान कोर्ट में मान्य नहीं है। यहीं वजह है कि वो कोर्ट में मुकर गया। उसे बढ़िया तरह से बता है कि कोर्ट में गुनाह कबूल कर लेने पर मुकदमा बहुत आसान हो जायेगा और फैसला जल्द से जल्द सामने आ जायेगा। यहां याद दिला दें कि दिल्ली पुलिस ने संदीही गुनाहगार आफताब अमीन पूनावाला को 12 नवंबर 2022 को गिरफ्तार किया था। उसने अपना गुनाह कबूल करते हुये पुलिस को बताया था कि उसने गला घोंट कर श्रद्धा को मार डाला था, वहीं उसके कई टूकड़ें कर दक्षिणई दिल्ली और गुरूग्राम के जंगल में फेंक दिया था। पुलिस ने आफताब के बयान पर शव के कई टुकड़ें बरामद किये थे। इन टुकड़ों की DNA जांच भी हुई थी। हत्या में इस्तेमाल हथियार और 300 लीटर का वो फ्रिज भी बरामद किया था, जिसमें शव को छिपाया गया था। श्रद्धा के पिता विकास वाल्कर ने मीडिया से कहा कि उन्हें लगता है कि आफताब को फांसी की सजा होनी चाहिये। 17 मई को वो मुंबई में विरोध प्रदर्शन करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि दिल्ली में हमारी आवाज सुनी जाए। भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 और 201 के तहत आफताब पर आरोप तय किए गये हैं। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में 6,629 पन्नों की चार्जशीट दायर की थी।
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