Kohramlive : जिस कोटद्वार की वादियों में गूंजती थी हवाओं की सरगोशी, आज वहीं गूंजा इंसाफ का बुलंद फैसला। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने वनंत्रा रिजॉर्ट की रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या के गुनहगार रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, और उसके दो गुर्गों सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं, अलग से 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। पीड़िता के परिवार को 4 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया गया। इससे पहले इन तीनों गुनहगारों को धारा 302, 201, 354 IPC में दोषी करार दिया। अंकिता के माता-पिता के चेहरे पर कोई संतोष नहीं था, बस दर्द और खालीपन। उनकी एक ही मांग – “जिन्होंने बेटी की सांस छीनी, उन्हें भी फांसी मिलनी चाहिये।” वो बोले, “हम चाहते थे हमारी आंखों के सामने उन हैवानों को मौत मिले।” इधर, कोर्ट का फैसला आने के बाद बेकाबू भीड़ ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की। देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, उत्तरकाशी से भारी पुलिस बल बुला लिये गये। कोर्ट के 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई। 4 मजिस्ट्रेट एवं डेढ़ कंपनी बल तैनात कर दिये गये। यहां याद दिला दें कि साल 2022 में 18 सितंबर को अंकित की हत्या कर दी गई थी। 22 सितंबर को हत्या का केस दर्ज किया गया। 24 सितंबर को चीला नगर में अंकिता की लाश मिली। उक्त तीनों गुनहगार अंकिता पर अनैतिक कार्यों को करने का दबाव डाल रहे थे। राज बाहर न आये इसलिये उसे चीला नहर में धक्का दे दिया। 30 मई यानी आज तीनों को सजा सुनाई गई।
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