Garhwa(Nityanand Dubey) : करीब बारह साल पहले एक सर्द रात में पड़ोसी मुनिया देवी की हत्या करने वाली हत्यारिन विमली देवी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। यह सजा गढ़वा के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रभात कुमार शर्मा की अदालत द्वारा सुनाई गई। वहीं, 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। साल 2012 में 1 जनवरी की रात गांव में सर्दी के बीच न्योता के बहाने छल का जाल बिछा गया। विमली देवी ने अपने पड़ोसी विनोद उरांव और उनकी पत्नी मुनिया को भोजन के लिये बुलाया।
भोजन के बाद विमली और उसके पति पप्पू उरांव के बीच किसी बात पर कहासुनी शुरू हुई और फिर झगड़ा हिंसा में बदल गया। विनोद जान बचाकर भाग निकले, लेकिन मुनिया वहीं रह गई और अगले दिन वह जख्मी हालत में घर के पीछे पड़ी मिली। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। चौदह गवाहों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले प्रमाणों के आधार पर अदालत ने विमली देवी को दोषी करार दिया। धारा 302 के तहत उम्रकैद का फैसला सुनाते हुये न्यायालय ने कहा कि मृतका को न्याय देने में देरी हुई, पर न्याय हुआ जरूर। अभियोजन पक्ष से उमेश दीक्षित और बचाव पक्ष से अजय शंकर तिवारी ने अदालत में अपने तर्क रखे। कई सवाल उठे, कई उत्तर गुम हुये पर साक्ष्यों की गवाही ने विमली के अपराध को उजागर कर दिया।






