Hazaribagh(Krishna Paswan) : जब कड़ाके की ठंड में लोग रजाइयों के भीतर सिमटे हुये थे, तब युवा साथी झारखंड इंसानियत की चादर ओढ़े गांव–गांव निकल पड़ा। नववर्ष के शुभ अवसर पर संस्था ने हजारीबाग के चौपारण प्रखंड के अतिपिछड़ा गांव चोरदाहा पहुंचकर बिरहोर टोला में खुले आसमान के नीचे जीवन गुजार रहे सैकड़ों बुजुर्गों, गरीबों, वंचितों और असहाय परिवारों के बीच कंबल, गर्म कपड़े और मिठाइयां बांटकर साल की शुरुआत की। संस्था के अध्यक्ष एवं युवा समाजसेवी विकास सिंह की पहल पर सैकड़ों जरूरतमंदों को राहत पहुंचाई गई।
कार्यक्रम के दौरान विकास सिंह ने कहा कि जिले में ऐसे कई लाचार, बेबस और गरीब परिवार हैं, जो कड़ाके की ठंड में किसी तरह जीवन काट रहे हैं। हमारी कोशिश है कि ऐसे लोगों को चिन्हित कर, जिन्हें सच में जरूरत है, उनके बीच कंबल और गर्म कपड़े पहुंचाए जायें। आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना है, इसलिए यह मदद और भी जरूरी हो जाती है। उन्होंने कहा कि धर्म और जाति के बंधन से ऊपर उठकर ठंड के मौसम में कंबल और गर्म कपड़े बांटना किसी जीवनदान से कम नहीं है। गरीबों और असहायों की मदद करना मेरी नियति में शामिल है। व्यक्तिगत रूप से और संस्था के माध्यम से समाज के जरूरतमंद, पिछड़े और वंचित वर्ग के लिए जो बन पड़ेगा, वह करता रहूंगा। यह सेवा वर्षों से जारी है और आगे भी जारी रहेगी। विकास सिंह ने समाज के सक्षम और संपन्न वर्ग से भी अपील की कि वे आगे आकर अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों की सहायता करें, ताकि ठंड के कारण किसी की जिंदगी संकट में न पड़े। संस्था के सदस्यों ने भी इस पहल को साहसिक और प्रेरणादायी कदम बताते हुए कहा कि इस कंपकंपा देने वाली ठंड में गरीबों और असहायों के बीच कंबल व गर्म कपड़ों का वितरण समाज के लिए एक मजबूत संदेश है। इस सेवा कार्य में कोषाध्यक्ष अजय मेहता, सह कोषाध्यक्ष शारूफ आलम, महामंत्री सहजाद आलम, संरक्षक सतीश गुप्ता, तथा परमेश्वर, दीपेश, गौतम, आदित्य, अहमद, सहबुद्दीन, वसीम, विजय, जयंत और रेवल सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।




