Kohramlive : उम्र बढ़ने के साथ वजन बढ़ना कई लोगों के लिये चिंता का कारण बन जाता है। मोटापे से हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोगों का खतरा बढ़ सकता है। लेकिन अगर आपकी उम्र 50 साल से ज्यादा है और वजन बढ़ा हुआ है, तो अब भी इसे नियंत्रित करना फायदेमंद हो सकता है। एक नई रिसर्च में संकेत मिले हैं कि मध्य उम्र में वजन कम करने से दिल और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी सेहत में सुधार हो सकता है।
50 की उम्र में वजन घटाने से क्या होगा फायदा?
यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (UCL) के शोधकर्ताओं के अध्ययन के मुताबिक, बढ़ती उम्र में भी वजन कम करने की कोशिश से स्वास्थ्य को लाभ मिल सकता है। शोध में ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और शरीर में सूजन से जुड़े संकेतकों पर ध्यान दिया गया। ये सभी कारक दिल की सेहत से जुड़े हैं। इनका स्तर नियंत्रित रहने से हृदय संबंधी जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, वजन घटाने से हर व्यक्ति की सेहत पर एक जैसा असर पड़े, यह जरूरी नहीं है।
6 हजार से अधिक लोगों के आंकड़ों का अध्ययन
शोधकर्ताओं ने ब्रिटेन में 1958 में जन्मे 6,000 से अधिक लोगों के स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण किया। इसमें वयस्क जीवन के दौरान उनके बॉडी मास इंडेक्स (BMI) और वजन में आए बदलावों को देखा गया। अध्ययन में यह भी जांचा गया कि 50 साल की उम्र के आसपास किन लोगों का वजन कम या ज्यादा हुआ और क्या यह बदलाव 55 साल की उम्र तक बना रहा। इसके बाद प्रतिभागियों की कार्डियोमेटाबॉलिक सेहत का आकलन किया गया। कार्डियोमेटाबॉलिक स्वास्थ्य का संबंध दिल और शरीर की मेटाबॉलिज्म प्रक्रिया से है। इसके बिगड़ने पर हृदय रोग और टाइप-2 डायबिटीज जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। अध्ययन के निष्कर्षों के अनुसार, जिन लोगों ने वयस्क जीवन में अपना वजन स्वस्थ सीमा में बनाये रखा, उनकी 62 साल की उम्र में कार्डियोमेटाबॉलिक सेहत बेहतर पाई गई। वहीं, जिन लोगों का वजन लगातार बढ़ता रहा या जो लंबे समय तक मोटापे से ग्रस्त रहे, उनकी सेहत तुलनात्मक रूप से खराब थी। शोध से यह संकेत मिलता है कि वजन को नियंत्रित रखने की कोशिश देर से शुरू करने पर भी उपयोगी हो सकती है। हालांकि, अध्ययन के निष्कर्षों से यह साबित नहीं होता कि केवल वजन घटाने से हृदय रोगों का खतरा पूरी तरह खत्म हो जाता है। अध्ययन की प्रमुख लेखिका डॉ. चारिस ब्रिजर स्टाट्ज के मुताबिक, बढ़ती उम्र को हमेशा स्वास्थ्य में गिरावट से जोड़कर नहीं देखना चाहिये। मध्य उम्र में वजन में कमी भी स्वास्थ्य के कुछ महत्वपूर्ण संकेतकों में सुधार से जुड़ी हो सकती है। सह-लेखिका डॉ. लॉरा गिमेनो ने भी वजन बढ़ने और कार्डियोमेटाबॉलिक स्वास्थ्य के बीच संबंध पर जोर दिया। शोधकर्ताओं का मानना है कि लोगों को उम्र बढ़ने से पहले ही नहीं, बल्कि मध्य उम्र में भी स्वस्थ वजन बनाये रखने के लिये उचित सहायता मिलनी चाहिये।
50 की उम्र के बाद वजन कैसे घटायें?
अगर आपका वजन ज्यादा है, तो जल्दबाजी में वजन घटाने के बजाय धीरे-धीरे और सुरक्षित तरीके अपनायें।
- संतुलित भोजन करें: खाने में सब्जियां, फल, दालें, साबुत अनाज और पर्याप्त प्रोटीन शामिल करें।
- नियमित शारीरिक गतिविधि करें: अपनी क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार पैदल चलने या दूसरे व्यायाम से शुरुआत करें।
- नींद पूरी लें: नियमित नींद और दिनचर्या वजन नियंत्रित रखने में मदद कर सकती है।
- ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल जांचें: नियमित स्वास्थ्य जांच से जोखिम का समय रहते पता चल सकता है।
- डॉक्टर की सलाह लें: यदि आपको हृदय रोग, डायबिटीज या कोई अन्य बीमारी है, तो वजन घटाने की योजना विशेषज्ञ की सलाह से बनाएं।
निष्कर्ष: उम्र चाहे 50 साल हो या उससे ज्यादा, स्वस्थ आदतें अपनाने की शुरुआत करने में देर नहीं हुई है। वजन नियंत्रित रखने से स्वास्थ्य को लाभ मिल सकता है, लेकिन हृदय रोगों से बचाव के लिये संतुलित भोजन, नियमित गतिविधि, पर्याप्त नींद और जरूरी मेडिकल जांच भी अहम हैं।
नोटः यह लेख उपलब्ध शोध संबंधी जानकारी पर आधारित है। वजन घटाने या किसी बीमारी के इलाज के लिये व्यक्तिगत चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है।





