Hazaribagh(Pooja Banerjee) : हजारीबाग की कोयला भूमि आज एक बार फिर आवाजों से गूंज उठी। मौका था मगध परियोजना कार्यालय में राष्ट्रीय कोयला मजदूर यूनियन की मगध-संघमित्रा क्षेत्रीय कमेटी की बैठक का। बैठक की अध्यक्षता क्षेत्रीय अध्यक्ष खुर्शीद आलम ने की। वहीं, यूनियन के महामंत्री सह JBCCI सदस्य राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी ने मजदूरों के हौसले को नई ऊंचाई दी।
मजदूरों का पसीना ही देश की ताकत है
बैठक की शुरुआत महिला कामगारों द्वारा बुके और शाल भेंट कर महामंत्री राजेश कुमार सिंह के सम्मान से हुई, वहीं पुरुष कामगारों ने माला पहनाकर उनका स्वागत किया। राजेश कुमार सिंह ने कहा कि मजदूरों का पसीना देश की रीढ़ है। जो इनके अधिकारों की बात करेगा, वही सच्चा देशभक्त कहलायेगा। सभा में खूब तालियां बजी, हर चेहरा उम्मीद से चमक उठा।
हर आवाज में दर्द और दृढ़ता
मंच से एक-एक कर मांगें उठी, सभी कामगारों को संडे अवकाश मिले। मगध परियोजना के सभी कर्मियों को समय पर रेगुलर किया जाये। प्रदूषण पर रोक, सड़कों की मरम्मत और लाइट व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। भारी और हल्के वाहनों के लिये अलग रास्ते बने। नियमित पानी का छिड़काव हो, ताकि धूल और रोगों से बचाव हो। हर मजदूर को घर भाड़ा, बुनियादी सुविधायें दी जायें। विस्थापित परिवारों को पुनर्वास पैकेज के साथ सम्मानपूर्वक बसाया जाये।
महिला शक्ति की गूंज, यूनियन की नई पहचान
इस बैठक की सबसे खास झलक रही महिला कामगारों की मजबूत भागीदारी। वे स्वर बनकर उभरीं। अमीना कुमारी, खुशबू कुमारी, फुलमतिया देवी, सीता देवी, सरस्वती देवी, राधा देवी, हर नाम इस मिट्टी की ताकत का प्रतीक बना। सभा के आखिर में हवा में ”मजदूर एकता जिंदाबाद। हमारा हक, हमारी लड़ाई जारी रहेगी।” जैसे नारे लगे। सैकड़ों महिला-पुरुष कामगारों की भीड़ ने मगध परियोजना की फिजा में एक नई ऊर्जा भर दी। मंच से उतरते हुये यूनियन नेता मोहम्मद जहूर, चंदन राम, सुनीता देवी, सुबोध साहू, वसीम अख्तर और हाफिज अत्तारी, हर किसी की आंखों में एक ही चमक थी, “अबकी बार हक से समझौता नहीं।”




