Ranchi : ”जब कोई कुछ ठान ले, इरादा नेक और मजबूत हो तो उसका रिजल्ट भी बेहतर मिलता है। बहन-बेटियों की अपार भीड़ से उन्हें एक नई ऊर्जा और ताकत मिली है। इसी ताकत की बदौलत वे आधी आबादी की सेवा और उनका दुख-दर्द दूर करने में दिन-रात जुटे हैं। साल 2019 में सरकार गठन के बाद से अब तक लगातार हमें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। चंद दिनों बाद ही कोरोना जैसी महामारी देश- दुनिया को जकड़ कर रखा। महामारी के समय लोग अपने घरों में रहने को मजबूर हो गये। हाट-बाजार, नौकरी, रोजगार सब खत्म हो गये। सोने की चिड़िया के नाम से जाना जाने वाला झारखंड धीरे-धीरे मजदूरों के राज्य के रूप में तब्दील हो चुका था। तब न अस्पतालों की हालत ठीक थी और न ही डॉक्टरों की संख्या ज्यादा थी। इसके बावजूद आपके इस भाई ने कभी हौंसला नहीं खोया। हिम्मत नहीं हारी। गांव-गांव,पंचायत-पंचायत की दीदियों ने खाना बनाकर श्रमिकों और गांव वालों को मुफ्त में खाना खिलाने का काम किया। भूख से एक भी मौत नहीं हुई। महिलाएं सरकार की ताकतें बनकर सामने आई। गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा के लोग इसके गवाह भी रहे हैं।” यह कहना है CM हेमंत सोरेन का। मौका था राजधानी रांची में “झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना” सम्मान राशि वितरण समारोह का।
इस अवसर पर CM हेमंत सोरेन ने दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के तहत झारखंड “मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना” के तहत रांची में कुल 33,54,95,000 रुपये की सम्मान राशि बांटी। वहीं खूंटी जिले में कुल 7,52,93,000 रुपये की सम्मान राशि, गुमला जिले में कुल 13,65,60,000 रुपये की सम्मान राशि, लोहरदगा में कुल 8,07,81,000 रुपये की सम्मान राशि और सिमडेगा में कुल 7,67,98,000 रुपये की सम्मान राशि बांटी गई। इस तरह दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल में कुल 70,49,27,000 रुपये की सम्मान राशि हस्तांतरित कर CM हेमंत सोरेन ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ाया है।
बच्चियों का भविष्य संवार रही राज्य सरकार
CM हेमंत सोरेन ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को दिशा-दशा देने में राज्य सरकार ने गंभीरता से काम किया है। बच्चियों के बेहतर भविष्य के लिये राज्य सरकार लगातार उनके साथ खड़ी है। स्कूलों में पढ़ने वाली बच्चियों के लिए सावित्रीबाई फुले समृद्धि योजना लाया गया, ताकि किसी की पढ़ाई-लिखाई नहीं छूटे। करीब 10 लाख स्कूली छात्राओं को राज्य सरकार आर्थिक सहायता राशि उपलब्ध करा रही है। CM ने मौके पर मौजूद लोगों से कहा कि अब आप अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई की चिंता बिल्कुल न करें। गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत बच्चों को उच्च शिक्षा के लिये 15 लाख रुपये तक का लोन दिया जा रहा है। इसके लिए किसी तरह की गारंटी देने की जरूरत नहीं है। CM हेमंत सोरेन ने कहा कि इस राज्य में कोयला, लोहा, अभ्रक सहित तमाम खनिज संपदा उपलब्ध है, इसके बावजूद राज्य का खजाना खाली दिख रहा था। जब इस विषय पर चिंतन किया गया तब पता चला कि खनन कार्य का केंद्र सरकार के ऊपर राज्य का 1 लाख 36 करोड़ रुपया बकाया है। कई बार राज्य सरकार द्वारा बकाया राशि के भुगतान हेतु केंद्र सरकार से आग्रह किया, वहीं अब सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि खनन कंपनियों से राज्य सरकार बकाया राशि की वसूली कर सकती है। जैसे ही यह आदेश आया तो हमने अपना कार्य को तेज किया।
सफल और प्रभावी रहा सर्वजन पेंशन योजना
CM हेमंत सोरेन ने कहा कि यहां के लोगों की समस्याओं का समाधान हो, इसके लिए गांव-गांव, टोला-टोला में “आपकी योजना-आपकी सरकार, आपके द्वार” कार्यक्रम शुरू की गई। छोटे-बड़े सरकारी अधिकारी घर-द्वार तक जाकर लोगों को सुना और उनकी दिक्कतों-परेशानी को जाना। बुजुर्ग लोगों की परेशानी को दूर करने की खातिर सर्वजन पेंशन योजना की शुरुआत की गई। सरकार ने तय किया है कि बेशक, कोई भी 60 साल से ज्यादा उम्र का होगा उसे हम हर हाल में पेंशन राशि देंगे। सर्वजन पेंशन योजना लागू करने वाला झारखंड देश का पहला राज्य है। CM ने कहा कि पेंशन को लेकर उम्र सीमा घटाई गई। महिलाओं के लिए 60 वर्ष से घटा कर 50 वर्ष किया गया। उन्होंने कहा कि जो पदाधिकारी वृद्धा पेंशन से नहीं जोड़ेंगे, वैसे अधिकारी को दंडित किया जायेगा। अब 18 वर्ष से ही “झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना” का लाभ मिलेगा। आने वाले दिनों में प्रत्येक परिवार तक 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि पहुंचायेंगे। अगले 5 वर्षों में 20 लाख बेघर लोगों को घर दिया जायेगा।
आधी आबादी को 12 हजार रुपये
CM हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार ने तय किया है कि आधी आबादी जिनकी उम्र 21 से 50 वर्ष है, उन्हें हर साल 12 हजार रुपये दिये जायेंगे। इस योजना से करीब 50 लाख महिलाएं जुड़ चुकी है, जिनके खाते में सम्मान राशि जा हस्तांतरित किया गया है। बहुत जल्द इस योजना में उम्र की संख्या 21 से घटाकर 18 की जायेगी। सोना सोबरन योजना के तहत साल में दो बार कपड़े दिये जा रहे हैं। राज्य का 11 लाख राशन कार्ड डिलीट कर दिया था। इस सरकार ने 20 लाख लोगों के लिए राशन कार्ड बांटने का काम किया।CM ने कहा कि हम लोगों को राशन दिया, तन ढकने के लिए कपड़ा दिया अब आवास दे रहे हैं। केंद्र सरकार से प्रधानमंत्री आवास योजना का पैसा मांगा गया, ताकि गरीबों के लिए आवास बनाया जा सके। लेकिन वह पैसा नहीं मिला। कई बार दिल्ली गये, ताकि गरीबों का भला हो सके, पर केंद्र सरकार ने आवास आवंटित नहीं किया। इसके बाद राज्य सरकार ने अपने दम पर सर्वे कराकर 20 लाख से ज्यादा गरीब परिवार को चिन्हित किया और उन्हें घर देने का संकल्प उठा लिया। वहीं, केंद्र सरकार द्वारा केवल 4 लाख 30 हजार गरीबों को चिन्हित किया गया था। अब आने वाले समय में चिन्हित सभी 20 लाख लोगों को तीन कमरों वाला पक्का मकान दिया जायेगा।
200 यूनिट बिजली फ्री
CM हेमंत सोरेन राज्यवासियों के लिए 200 यूनिट बिजली फ्री कर दिया है। गरीबों का बकाया बिजली बिल भी माफ कर दिया गया है। CM ने कहा कि उन्हें पता है कि गांव-देहात में लाखों परिवार ऐसे हैं, जो अपना घर चलाने के लिए महाजनों से कर्ज लेते हैं और अपनी जरूरत को पूरा करते हैं। लेकिन आने वाले 5 साल के अंदर ऐसा व्यवस्था को ऐसा मजबूत करेंगे कि किसी के आगे आपको हाथ फैलाने की जरूरत नही पड़ेगी।
बड़ी संख्या में हुई सरकारी नियुक्तियां
CM हेमंत सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले 4 वर्षों में हजारों की संख्या में सरकारी नियुक्तियां की है। विभिन्न विभागों में लगभग 45 से 50 हजार सरकारी नियुक्तियां की गई हैं, वहीं 45 हजार सरकारी नियुक्तियों का कार्य प्रगति पर है। निजी क्षेत्र में भी अब तक डेढ़ से 2 लाख लोगों को रोजगार से जोड़ा गया है। राज्य में जब तक उनकी सरकार है नियुक्तियों का सिलसिला जारी रहेगा।
इस अवसर पर मंत्री रामेश्वर उरांव, मंत्री सत्यानंद भोक्ता, मंत्री बेबी देवी, सांसद सुखदेव भगत, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, विधायक कल्पना सोरेन, विधायक राजेश कच्छप, विधायक शिल्पी नेहा तिर्की, विधायक विकास सिंह मुंडा, विधायक जिगा सुसारन होरो, विधायक भूषण तिर्की, पूर्व सांसद सुबोध कांत सहाय, झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, जीपी अनुराग गुप्ता, रांची प्रक्षेत्र के IG अखिलेश झा, DIG अनूप बिरथरे सहित अन्य छोटे-बड़े अधिकारी मौजूद थे।








