Rajkot : कभी सब्जी बेचकर तो कभी ड्राइविंग कर अपना घर चलाने वाला एक युवक सोशल मीडिया की एक रील के चक्कर में ऐसा फंसा कि कानून के शिकंजे तक पहुंच गया। इल्जाम है कि Instagram पर नकली नोट बनाने से जुड़ी रील देखने के बाद उसने इस अपराध का रास्ता पकड़ लिया और देखते ही देखते अपने घर को ही नकली नोट छापने की जगह बना दिया। राजकोट में SOG और DCB की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुये 30 साल के किशन भूपेंद्रभाई सोलंकी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक उसके घर से नकली नोट, प्रिंटर-सह-स्कैनर और नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान बरामद हुआ है।
एक रील ने खींचा, फिर Telegram तक पहुंचा मामला
पुलिस के अनुसार किशन ने करीब छह महीने पहले Instagram पर एक रील देखी थी, जिसमें कथित तौर पर नकली भारतीय नोट बनाने की जानकारी दी जा रही थी। बताया गया कि रील पोस्ट करने वाले व्यक्ति से संपर्क करने के लिये कहा गया था। किशन ने करीब डेढ़ महीने तक उसे मैसेज किये। इसके बाद उसे जवाब मिला। इस व्यक्ति की पहचान दीपक बरफा सिरवी के रूप में हुई है, जो मध्य प्रदेश का रहने वाला बताया जा रहा है। आरोप है कि इसके बाद किशन को Telegram के जरिये नकली नोट से जुड़े वीडियो भेजे गये और Photoshop जैसे सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल की जानकारी भी दी गई। पुलिस के अनुसार किशन को कथित तौर पर एक ऐसा प्रस्ताव दिया गया कि ₹10 हजार के नकली नोट देने पर ₹3 हजार असली रुपये मिलेंगे। इसी लालच में उसने अपने घर पर नकली नोट तैयार करना शुरू कर दिया। इसके बाद किशन के घर पर छापामारी की गई। उसके यहां से ₹23,100 के नकली नोट, 100 रुपये के डिजाइन वाली 28 प्रिंटेड शीट, प्रिंटर-सह-स्कैनर, लैमिनेटर, CPU और मॉनिटर, बटर पेपर, मोबाइल फोन समेत करीब ₹65,500 कीमत का सामान जब्त किया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।






