Bokaro : बहादुरपुर की वो रात गांववालों के दिलों में आज भी सिहरन भर देती है। 27 और 28 अगस्त की दरम्यानी रात, जब अंधेरा पूरे गांव को अपनी बाहों में समेट चुका था, तभी अज्ञात कदमों की आहट ने शशि शेखर के घर को निशाना बना डाला। नींद में डूबे गांव को क्या पता था कि कुछ परछाइयां उनके सपनों की शांति लूटने आई हैं। सुबह होते-होते चूल्हे से लेकर चौखट तक, हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल था, “कौन हैं वो लोग जिन्होंने बहादुरपुर की मिट्टी पर यह कलंक रचा?”
पुलिस का संगठित कदम
घटना की गंभीरता को देखते हुये बोकारो के पुलिस कप्तान हरविंदर सिंह ने बेरमो, तेनुघाट के तेज-तर्रार DSP बीएन सिंह के नेतृत्व में SIT गठित की। टीम ने टेक्निकल सेल से मिले साक्ष्य और गांव की फुसफुसाहट जैसी मानवीय सूचना के सहारे पुलिस ने एक-एक कर पांच शातिर अपराधियों को बेनकाब कर दिया। गिरफ्तार अपराधियों ने न सिर्फ बहादुरपुर बल्कि कसमार थाना क्षेत्र के दांतू गांव के दो घरों में हुई चोरी की बात भी कबूल ली। उनकी जुबान से निकले सच ने पुलिस की मेहनत पर मुहर लगा दी। गिरफ्तार शातिर चोरों के पास से 40 किलो कांसा और पीतल के बर्तन, सोना-चांदी का गलाया हुआ टुकड़ा, बजरंगी बली का सोने का लॉकेट, चांदी का सिक्का और बिस्कुट और सबसे बड़ी पहचान हुंडई एक्स्टर कार (JH 24 M 1323) बरामद कर ली। पकड़े गये चोरों के नाम रवि कुमार खेरवार (रामगढ़ का कुख्यात), अंगरक्षक खेरवार, कोहिनूर खेरवार, आशुतोष उर्फ़ सन्नी एवं अभय कुमार साव (रामगढ़ का ही अपराधी) बताये गये।बहादुरपुर और आस-पास के गांवों में इस खबर ने राहत की सांस दी है।
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