Kohramlive : हार्ट अटैक का नाम सुनते ही अक्सर आंखों के सामने सीने में तेज दर्द से परेशान किसी व्यक्ति की तस्वीर उभरती है। लेकिन दिल की बीमारी किसी एक लिंग की बीमारी नहीं है। महिलाओं को भी हार्ट अटैक का खतरा रहता है, और कई बार उनके लक्षण पुरुषों की तुलना में अलग या कम स्पष्ट हो सकते हैं। यही वजह है कि कुछ महिलाएं अचानक हुई थकान, मतली, सांस फूलने या पेट की परेशानी को गैस, एसिडिटी या तनाव समझकर टाल देती हैं। लेकिन दिल के मामले में देर भारी पड़ सकती है। हार्ट अटैक एक मेडिकल इमरजेंसी है और समय पर इलाज मिलना बेहद महत्वपूर्ण होता है।
सीने में दर्द न हो तो भी खतरा हो सकता है!
सीने में दबाव, जकड़न, भारीपन या दर्द हार्ट अटैक का प्रमुख संकेत है। लेकिन हर महिला में यह लक्षण जरूरी नहीं कि बहुत तेज दर्द के रूप में सामने आये। कभी-कभी सीने में हल्की लेकिन असामान्य परेशानी भी हो सकती है। अगर यह लगातार बनी रहे या दूसरे लक्षणों के साथ दिखाई दे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिये।
अचानक आने वाली असामान्य थकानः दिनभर की भागदौड़ के बाद थकान होना सामान्य है। लेकिन बिना ज्यादा मेहनत के अचानक बहुत ज्यादा थकान महसूस होना ध्यान देने लायक है। खासकर जब यह थकान सामान्य से बिल्कुल अलग लगे या अचानक शुरू हुई हो।
बिना वजह सांस फूलनाः सीढ़ियां चढ़ने या ज्यादा मेहनत करने के बाद सांस फूलना अलग बात है। लेकिन सामान्य गतिविधि के दौरान या आराम की स्थिति में ही सांस लेने में परेशानी होने लगे, तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसा लग सकता है कि सांस पूरी तरह नहीं आ रही है या हवा कम पड़ रही है।
मतली, उल्टी और पेट में अजीब-सी परेशानीः कई बार दिल से जुड़ी तकलीफ पेट तक महसूस हो सकती है। मतली, उल्टी या पेट के ऊपरी हिस्से में असहजता को महिलाएं अक्सर अपच या गैस से जोड़ लेती हैं। लेकिन अगर इसके साथ सीने में परेशानी, सांस फूलना, कमजोरी या पसीना भी आए, तो तत्काल चिकित्सा सहायता जरूरी है। दर्द सीने से निकलकर कहीं और भी जा सकता है। हार्ट अटैक का दर्द हमेशा सिर्फ सीने तक सीमित नहीं रहता। दर्द या असहजता पीठ, कंधे, गर्दन, हाथ या जबड़े तक फैल सकती है। खासकर जब यह अचानक शुरू हो और दूसरे चेतावनी संकेत भी मौजूद हों।
चक्कर, कमजोरी और ठंडा पसीनाः अचानक चक्कर आना, बहुत कमजोरी महसूस होना या बिना स्पष्ट वजह ठंडा पसीना आना भी चेतावनी संकेत हो सकता है। अगर ऐसे लक्षण एक साथ दिखाई दें, तो इन्हें सामान्य थकान मानकर आराम करने के बजाय मेडिकल मदद लेना ज्यादा सुरक्षित है।
कब बिल्कुल इंतजार नहीं करना चाहिये?
अगर किसी महिला को अचानक सीने में दबाव, दर्द या जकड़न, सांस लेने में गंभीर परेशानी, बेहोशी या तेज चक्कर, अत्यधिक कमजोरी, पीठ, कंधे, हाथ, गर्दन या जबड़े में फैलता दर्द महसूस हो, तो इसे सामान्य समस्या मानकर इंतजार न करें। तुरंत स्थानीय आपातकालीन चिकित्सा सेवा से संपर्क करें। यह जरूरी नहीं कि ऊपर बताये गये हर लक्षण का मतलब हार्ट अटैक ही हो। इन लक्षणों के पीछे दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। वहीं, हर महिला में लक्षण एक जैसे नहीं होते। लेकिन दिल से जुड़ी गंभीर समस्या का संदेह हो तो खुद से ‘गैस’, ‘एसिडिटी’ या ‘तनाव’ मान लेना सही नहीं है। समय पर चिकित्सकीय जांच कराना ज्यादा सुरक्षित है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिये है और उपलब्ध मेडिकल रिपोर्टों/जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। यह चिकित्सकीय निदान या व्यक्तिगत उपचार का विकल्प नहीं है। गंभीर या अचानक लक्षण होने पर तुरंत स्थानीय आपातकालीन चिकित्सा सेवा या योग्य डॉक्टर से संपर्क करें।




