Kohramlive : पानी, जिंदगी की सबसे साधारण जरूरत, लेकिन इसे लेकर हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में कई तरह की धारणाएं सुनने को मिलती हैं। कोई कहता है सुबह उठते ही खूब पानी पीना चाहिये, तो कोई खाने के साथ पानी पीने को नुकसानदायक बताता है। कुछ लोग तो रात में पानी पीने से भी बचते हैं। लेकिन असली बात यह है कि पानी पीने का कोई एक तय समय हर व्यक्ति के लिये जरूरी नहीं है। शरीर की पानी की जरूरत उम्र, मौसम, खान-पान, शारीरिक मेहनत और स्वास्थ्य जैसी कई चीजों पर निर्भर करती है।
सुबह उठते ही पानी पीना कैसा है?
रात में कई घंटे तक पानी न पीने के बाद सुबह प्यास लगना स्वाभाविक है। ऐसे में सुबह पानी पीना शरीर को हाइड्रेट रखने का आसान तरीका हो सकता है। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति को उठते ही बहुत ज्यादा पानी पीना ही पड़े। प्यास और शरीर के संकेतों को ध्यान में रखना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
खाने से पहले पानी?
भोजन से पहले पानी पीना कुछ लोगों के लिये सुविधाजनक हो सकता है। इससे शरीर में पर्याप्त तरल बना रहता है। लेकिन हर व्यक्ति के लिये खाना खाने से पहले पानी पीना कोई अनिवार्य नियम नहीं है।
क्या खाना खाते समय पानी पीना गलत है?
यह सवाल अक्सर घरों में सुनने को मिलता है, “खाने के साथ पानी मत पियो, पाचन खराब हो जायेगा!” स्वस्थ लोगों में प्यास लगने पर भोजन के दौरान पानी पीना सामान्य तौर पर समस्या नहीं माना जाता। पानी पीने से पाचन खराब हो जाता है, ऐसा सामान्य दावा वैज्ञानिक आधार पर सही नहीं माना जाता।
एक्सरसाइज करते हैं तो पानी और भी जरूरी
व्यायाम या ज्यादा शारीरिक मेहनत के दौरान शरीर से पसीने के रूप में पानी निकलता है। इसलिये एक्सरसाइज से पहले, दौरान और बाद में जरूरत के अनुसार पानी लेना महत्वपूर्ण है। गर्मी में लंबे समय तक कसरत या ज्यादा पसीना आने की स्थिति में शरीर को पानी के साथ इलेक्ट्रोलाइट्स की भी जरूरत पड़ सकती है।
सोने से पहले कितना पानी?
रात में सोने से ठीक पहले बहुत ज्यादा पानी पीने का मतलब यह हो सकता है कि आपकी नींद बार-बार टूटे और आपको टॉयलेट जाना पड़े। इसलिये जरूरत हो तो सोने से पहले पानी पिया जा सकता है, लेकिन बिना जरूरत बहुत ज्यादा पानी पीने से बचना बेहतर है। वहीं, कोई एक आंकड़ा सभी पर लागू नहीं होता। गर्मी, ज्यादा पसीना, व्यायाम और बीमारी जैसी परिस्थितियों में शरीर को अधिक तरल पदार्थों की जरूरत हो सकती है। प्यास लगना शरीर का पानी की जरूरत बताने वाला एक महत्वपूर्ण संकेत है। साथ ही भोजन और दूसरे पेय पदार्थों से भी शरीर को पानी मिलता है।
जरूरत से ज्यादा पानी भी पहुंचा सकता है नुकसान
पानी जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है संतुलन। जरूरत से बहुत ज्यादा पानी पीने से शरीर में सोडियम का स्तर असामान्य रूप से कम हो सकता है, जिसे हाइपोनेट्रेमिया कहा जाता है। खासकर किडनी, हृदय या दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को तरल पदार्थों की मात्रा डॉक्टर की सलाह के अनुसार तय करनी चाहिये। याद रखिये सुबह प्यास लगे तो पानी पिएं, खाने के दौरान प्यास लगे तो पानी पी सकते हैं, व्यायाम में शरीर की जरूरत के हिसाब से पानी लेते रहें और रात में जरूरत से ज्यादा पानी पीने से बचें। आखिर पानी पीने का कोई जादुई टाइम नहीं, शरीर की जरूरत को समझना और पर्याप्त हाइड्रेशन बनाये रखना ही सबसे अहम बात है।






