Kohramlive : हार्ट अटैक डे 29 सितंबर को हर साल मनाया जाता है। हार्ट अटैक डे का मुख्य उद्देश्य लोगों में हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इस दिन लोगों को बताया जाता है कि कैसे हृदय रोग और हार्ट अटैक को समय रहते पहचाना जा सकता है और इसके लिये कौन-कौन सी सावधानियां और जीवनशैली परिवर्तन जरूरी हैं। दुनिया भर में हृदय रोग मौत के सबसे बड़े कारणों में से एक हैं। लोग अक्सर हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे गंभीर परिस्थितियां बन जाती हैं। हार्ट अटैक (दिल का दौरा) अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहा, युवा भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। अनहेल्दी फूड, तनाव, धूम्रपान, नींद की कमी और शारीरिक निष्क्रियता इसके मुख्य कारण माने जाते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार हर साल लगभग 1.8 करोड़ लोग हृदय रोगों से मरते हैं, जिनमें से बड़ी संख्या हार्ट अटैक से होती है। विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर गोल्डन ऑवर (पहला 1 घंटा) सही इलाज के लिये उपयोग किया जाये, तो कई जानें बचाई जा सकती हैं।
हार्ट अटैक से पहले ये लक्षण हो सकते हैं
1. सीने में दर्द या दबावः यह सबसे आम संकेत है। दबाव, जकड़न या जलन जैसा महसूस हो सकता है। कंधे में दर्द, गले, जबड़े और हाथ तक फैल सकता है। कभी-कभी इसे हार्टबर्न समझ लिया जाता है।
2. बिना वजह थकानः लगातार कमजोरी महसूस होना और आराम करने के बाद भी थकान दूर न होना। यह दिल की पंपिंग क्षमता कम होने का संकेत हो सकता है।
3. सांस फूलनाः हल्की गतिविधियों जैसे चलना या सीढ़ियां चढ़ने पर भी सांस फूलना। दिल कमजोर होने पर फेफड़ों में तरल पदार्थ जमा हो सकता है।
4. चक्कर आनाः बार-बार चक्कर, हल्कापन या बेहोशी महसूस होना। शरीर और दिमाग तक पर्याप्त ऑक्सीजन न पहुंच पाने के कारण होता है।
5. धड़कन का अनियमित होनाः दिल की धड़कन तेज, धीमी या अनियमित होना। अगर इसके साथ सीने में दर्द, चक्कर या बेचैनी भी हो, तो तुरंत सावधानी बरतें।
महत्वपूर्ण सुझाव
- इन लक्षणों को हल्के में न लें।
- जैसे ही संकेत दिखें, तुरंत कार्डियोलॉजिस्ट या अस्पताल से संपर्क करें।
- स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं: संतुलित भोजन, व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव प्रबंधन।
याद रखें: पहचान और त्वरित इलाज ही हार्ट अटैक से जान बचाने का सबसे बड़ा तरीका है।
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