Kohramlive : रात में सोते समय बेडसाइड लैंप या कमरे की हल्की रोशनी जलाकर सोना बहुत से लोगों की रोजमर्रा की आदत है। देखने में यह आदत भले ही सामान्य लगे, लेकिन लगातार रात में रोशनी के संपर्क में रहना नींद और शरीर की प्राकृतिक जैविक घड़ी को प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, लंबे समय तक रात में रोशनी के संपर्क में रहने और खराब नींद के बीच संबंध देखा गया है। इसका असर आगे चलकर ब्लड प्रेशर, मेटाबॉलिज्म और हृदय स्वास्थ्य जैसे पहलुओं पर पड़ सकता है।
रोशनी से कम हो सकता है मेलाटोनिन का उत्पादन
झारखंड के जाने-माने एक हृदय रोग विशेषज्ञ के अनुसार, शरीर को अच्छी नींद के लिये अंधेरे का संकेत जरूरी होता है। कमरे की रोशनी, टीवी या मोबाइल जैसे गैजेट्स से निकलने वाली रोशनी शरीर की सर्केडियन रिदम यानी प्राकृतिक नींद-जागने के चक्र को प्रभावित कर सकती है। इससे नींद से जुड़े हार्मोन मेलाटोनिन के उत्पादन में बदलाव हो सकता है। सरल शब्दों में कहें तो शरीर के लिये अंधेरा आराम और नींद का संकेत देता है, जबकि रोशनी शरीर को सतर्क रहने का संदेश देती है। अगर सोते समय कमरे में लगातार तेज रोशनी रहती है या टीवी चलता रहता है, तो शरीर की प्राकृतिक नींद प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इससे नींद की गुणवत्ता कम हो सकती है और व्यक्ति को पर्याप्त गहरी और आरामदायक नींद नहीं मिल पाती। नींद की कमी या खराब नींद लंबे समय तक बनी रहे तो इसका असर शरीर के कई हिस्सों पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, कभी-कभार कमरे में हल्की रोशनी के साथ सोना अपने आप में दिल की बीमारी का कारण नहीं माना जा सकता। चिंता की बात तब हो सकती है जब रात में रोशनी के संपर्क और खराब नींद की आदत लगातार बनी रहे। खास तौर पर हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापे या पहले से हृदय संबंधी समस्या वाले लोगों को अपनी नींद और सोने के माहौल पर विशेष ध्यान देना चाहिये।
कैसी हो नींद की जगह?
अच्छी नींद के लिये कुछ छोटी-छोटी आदतें काफी मददगार हो सकती हैं..
- सोते समय कमरे को जितना संभव हो सके अंधेरा रखें।
- टीवी और गैर-जरूरी लाइट बंद कर दें।
- सोने से पहले मोबाइल और दूसरे स्क्रीन वाले गैजेट्स का इस्तेमाल कम करें।
- रोजाना लगभग एक ही समय पर सोने और जागने की कोशिश करें।
- कमरे को शांत, आरामदायक और बहुत ज्यादा गर्म न रखें।
- अगर सुरक्षा के कारण रात में लाइट जरूरी है, तो कम ब्राइटनेस वाली रोशनी इस्तेमाल करें।
- लाइट को सीधे आंखों के पास या चेहरे की तरफ रखने से बचें।
छोटी आदत, बड़ा असर
रात में लाइट बंद करके सोना कोई मुश्किल बदलाव नहीं है, लेकिन यह आपकी नींद की गुणवत्ता और शरीर की प्राकृतिक दिनचर्या के लिये मददगार हो सकता है। अच्छी नींद केवल अगले दिन की ताजगी के लिए नहीं, बल्कि लंबे समय तक स्वस्थ रहने के लिए भी महत्वपूर्ण है।
नोट: रात में रोशनी के स्वास्थ्य प्रभाव व्यक्ति की स्थिति और रोशनी की तीव्रता/अवधि पर निर्भर कर सकते हैं। किसी हृदय रोग, हाई BP या नींद संबंधी समस्या के लक्षण हों तो डॉक्टर से सलाह लें।






