Kohramlive : सुबह का गुवाहाटी, ब्रह्मपुत्र का जल सुनहरी धूप में चमक रहा था, और उसके ऊपर का आसमान में जब राफेल-सुखोई और सूर्य किरण स्क्वाड्रन ने नीले आकाश को चीरते हुये उड़ान भरी, तो पूरा पूर्वोत्तर गर्व, उत्साह और देशभक्ति की लहरों में डूब गया। मौका था 93वें भारतीय वायु सेना दिवस का। पहली बार भारतीय वायु सेना ने पूर्वोत्तर की धरती पर मेगा एयर शो आयोजित किया। लाचित घाट, ब्रह्मपुत्र नदी के ऊपर, 75 से अधिक विमान, हेलिकॉप्टर और 25 से ज्यादा फॉर्मेशन। राफेल की दहाड़, सुखोई की रफ्तार और सूर्य किरणों की कलाबाजियां, हर मोड़ पर मानो आसमान कह रहा था, “मैं हूं भारत और मैं अडिग हूं।” यह दिन ऐतिहासिक था। इस वर्ष का थीम ही था “Unparalleled, Unwavering and Precise” — अप्रतिम, अडिग और सटीक।
एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह की आवाज में गर्व और अपनापन था। उन्होंने कहा कि देश के इस हिस्से में एयर शो करना हमारे लिये सम्मान है। हम दो साल से इसका इंतजार कर रहे थे, ताकि पूर्वोत्तर भी हमारी उड़ान की गूंज महसूस करे। असम के CM हिमंत बिस्व सरमा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि “चिकन नेक कॉरिडोर के पास भारतीय वायु सेना की ताकत और साहस का यह प्रदर्शन दुश्मनों की नींद उड़ाने वाला है।” उन्होंने कहा, 1962 की उपेक्षित वादियों से लेकर 2025 के इस विजयी आसमान तक, पूर्वोत्तर अब राष्ट्र के आत्मविश्वास और सुरक्षा का प्रतीक बन चुका है।एयर मार्शल सूरत सिंह ने कहा कि पूर्वोत्तर के लोग भारतीय वायु सेना की आत्मा हैं। हमने यह शो यहीं इसलिए किया कि
क्योंकि यह क्षेत्र हमारी उड़ान का प्रवेश द्वार है। उन्होंने बताया कि अरुणाचल प्रदेश के आठों उन्नत लैंडिंग ग्राउंड्स ऑपरेशनल हैं और वायु सेना हर परिस्थिति में तैयार है।
जब जुबीन गर्ग की आवाज ने आसमान को छुआ…
शो के अंत में, जब दिवंगत गायक जुबीन गर्ग को उनके गीत “मायाबिनी रातिर बुकुत” से श्रद्धांजलि दी गई, तो ब्रह्मपुत्र किनारे खड़े हजारों दर्शक भावुक हो उठे। आसमान में उड़ते विमान, धरती पर गूंजते गीत और दिलों में उमड़ता गर्व, यह नजारा अद्भुत था।




