Ranchi : झारखंड की बेटियां अब सिर्फ सपने नहीं देख रहीं, उन्हें साकार भी कर रही हैं। इसी की एक मिसाल बनीं सुश्री सविता कच्छप, जिन्होंने ट्रिपल आईटी, रांची में PHD के लिए चयन पाकर नया इतिहास रच दिया। मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में सविता कच्छप ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने उन्हें बधाई देते हुये राज्य सरकार की ओर से 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि का चेक सौंपा और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। 24 साल की सविता कच्छप, डूंगरी टोली, अरगोड़ा (रांची) की निवासी हैं और वर्तमान में मधुकम स्थित नानी के घर रहकर पढ़ाई कर रही हैं। वे आदिवासी समुदाय की सबसे कम उम्र की पीएचडी अभ्यर्थी हैं, जिनका चयन ट्रिपल आईटी, रांची में इलेक्ट्रिक कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विषय में हुआ है। खास बात यह है कि वे टेक्निकल फील्ड में पहली ट्राइबल रिसर्च स्कॉलर भी हैं और IEEE में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना रिसर्च वर्क प्रस्तुत कर चुकी हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सविता की उपलब्धियों की सराहना करते हुये कहा कि वे पूरी लगन से पढ़ाई और शोध कार्य जारी रखें, राज्य सरकार हर संभव सहयोग करेगी। यह मुलाकात न सिर्फ एक छात्रा के सम्मान की कहानी है, बल्कि झारखंड के आदिवासी समाज की बदलती तस्वीर और भविष्य की मजबूत नींव का संकेत भी है।




