KOHRAMLIVE DESK : आयुर्वेद में पीपल के पेड़ और उसके हर अंग के महत्व को बताया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि पीपल के पत्ते में ऑक्सीजन लेवल को बढ़ाने की पूरी क्षमता होती है। प्रतिदिन दो पीपल के पत्ते का चबाकर सेवन करने से ऑक्सीजन का लेवल बढ़ सकता है। पीपल में मॉइस्चर कंटेंट, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फैट, फाइबर, कैल्शियम, आयरन, कॉपर और मैग्नीशियम के तत्व पाए जाते हैं।
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बढ़ाता है प्रतिरोधक क्षमता
पीपल का पत्ता रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच हर व्यक्ति को रोग प्रतिरोधक क्षमता को पहले से ही इतनी मजबूत कर लेनी चाहिए कि संक्रमण हावी न हो सके। पीपल के पत्ते के साथ गिलोय के तने का मिश्रण तैयार कर लें। इस मिश्रण का सेवन दिन में चार बार करे। ऐसा निरंतर करते रहने से इम्युनिटी बढ़ती है।
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सांस के रोगियों के लिए फायदेमंद
सांस के रोगियों को हर रोज पीपल के दो हरे पत्तों का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके इस्तेमाल से आराम मिलता है। लीवर को स्वस्थ रखने के लिए भी पीपल के पत्ते का सेवन फायदेमंद होता है। लीवर के रोगियों को प्रतिदिन सुबह में पीपल के दो पत्तों का सेवन करना चाहिए।
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थेरेपेटिक तत्व की मौजूदगी
पीपल की पत्ती में थेरेपेटिक तत्व पाए जाते हैं। इसका उपयोग करने से कफ में आराम मिल सकता है। पीपल के पत्ते को जूस के रूप में इस्तेमाल करने से कफ की समस्या से निजात मिल सकती है।






