Bihar : बिहार की राजनीति में एक बार फिर नीतीश कुमार का दबदबा साफ नजर आ रहा है। NDA विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से नेता चुने जाने के बाद बुधवार दोपहर वे राजभवन की ओर रवाना हुये, ताकि मौजूदा मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर नई सरकार बनाने का दावा पेश किया जा सके। इस्तीफे के बाद भी वह कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहेंगे। गुरुवार सुबह 11 बजे वे दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। यह आंकड़ा बिहार की राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ और लंबे अनुभव का संकेत माना जा रहा है। JDU, BJP, हम और VIP सभी एक मंच पर दिखे। सभी दलों ने नीतीश के नेतृत्व और प्रशासनिक अनुभव पर भरोसा जताते हुये कहा कि राज्य के विकास के लिए उनका नेतृत्व जरूरी है। बैठक खत्म होते ही पूरे गठबंधन के शीर्ष नेता एक साथ राज भवन पहुंचे।

नई कैबिनेट में बदलाव की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक शपथ ग्रहण के बाद मंत्रिमंडल के कई चेहरों में बदलाव देखने को मिल सकता है। विभागों के बंटवारे में भी नई प्राथमिकताएँ तय होंगी। कानून-व्यवस्था, विकास परियोजनाओं की रफ्तार और प्रशासनिक सुधार एनडीए की अगली रूपरेखा में प्रमुख मुद्दे होंगे। गुरुवार को गांधी मैदान में बड़े स्तर पर समारोह होगा। सुरक्षा एजेंसियों से लेकर नगर निगम तक सभी को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। कार्यक्रम में हजारों लोगों के पहुंचने की संभावना है। कई केंद्रीय मंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री और दिग्गज नेता इस आयोजन में शामिल हो सकते हैं।
राज्य में सियासी हलचल तेज
सोशल मीडिया से लेकर पटना की सड़कों तक चर्चा सिर्फ एक ही मुद्दे की। नीतीश कुमार की एक और वापसी। समर्थक इसे अनुभव और स्थिरता की जीत बता रहे हैं, जबकि विपक्ष बार-बार बदलते समीकरणों पर सवाल उठा रहा है।
लेकिन फिलहाल पूरा बिहार टकटकी लगाये उस पल का इंतजार कर रहा है—गुरुवार सुबह 11 बजे होने वाले शपथ ग्रहण का, जब नीतीश कुमार एक बार फिर सत्ता की कमान संभालेंगे।




