पंचायत और वार्ड स्तर पर हो सर्वे
कांग्रेस प्रवक्ता ने सरकार से मांग की है कि भूमिहीन और आवासविहीन परिवारों की पहचान के लिये पंचायत और वार्ड स्तर पर सर्वेक्षण कराया जाये। इसके बाद पात्र परिवारों की सूची तैयार कर निर्धारित समय-सीमा में उन्हें जमीन का पट्टा उपलब्ध कराया जाये। उन्होंने सरकारी, गैर-मजरुआ और अन्य उपलब्ध जमीन को पारदर्शी तरीके से चिन्हित कर गरीब परिवारों के आवासीय पुनर्वास में इस्तेमाल करने का सुझाव दिया। नायक ने प्रस्तावित नीति में महिलाओं, दिव्यांगजनों, अत्यंत गरीब परिवारों, विधवा और परित्यक्त महिलाओं समेत अन्य वंचित वर्गों को प्राथमिकता देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जमीन बांटने की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिये, ताकि दलाली, बिचौलियागिरी और राजनीतिक भेदभाव की कोई गुंजाइश न रहे।
कांग्रेस की सरकार से 8 मांगें
विजय शंकर नायक ने सरकार के सामने आठ सूत्री मांग रखी है।
- झारखंड के सभी भूमिहीन एवं आवासविहीन परिवारों का राज्यव्यापी सर्वे कराया जाये।
- पात्र परिवारों को कम से कम 4 डिसमिल आवासीय भूमि देने की नीति बने।
- ST, SC, OBC, अल्पसंख्यक और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्राथमिकता मिले।
- उपलब्ध सरकारी जमीन का जिला और प्रखंडवार भूमि बैंक तैयार किया जाये।
- लाभुकों को जमीन का कानूनी पट्टा या स्वामित्व अधिकार दिया जाये।
- भूमि आवंटन को प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास जैसी योजनाओं से जोड़कर पक्का मकान सुनिश्चित किया जाये।
- पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और सार्वजनिक की जाये।
- प्रत्येक जिले में भूमि आवंटन की समयबद्ध निगरानी व्यवस्था बनाई जाये।






