नायक बोले, हर आवासविहीन परिवार को मिले जमीन का पट्टा…

Date:

spot_img
spot_img
Ranchi : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने राज्य सरकार से मांग की है कि प्रदेश के हर भूमिहीन और आवासविहीन परिवार को कम से कम 4 डिसमिल आवासीय जमीन उपलब्ध कराने के लिये ठोस और समयबद्ध नीति बनाई जाये। नायक ने खास तौर पर ST, SC, OBC, अल्पसंख्यक और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्राथमिकता देने की मांग की है। विजय शंकर नायक ने कहा कि जमीन केवल संपत्ति का टुकड़ा नहीं होती, बल्कि गरीब परिवार के लिए यह सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक पहचान का आधार भी है। उन्होंने कहा कि झारखंड जैसे आदिवासी-मूलवासी बहुल राज्य में आज भी बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं, जिनके पास अपना घर बनाने के लिये जमीन नहीं है। नायक के मुताबिक, कई परिवार सरकारी आवास योजनाओं का लाभ लेने के बावजूद आवासीय जमीन के अभाव में स्थायी घर नहीं बना पा रहे हैं।

पंचायत और वार्ड स्तर पर हो सर्वे

कांग्रेस प्रवक्ता ने सरकार से मांग की है कि भूमिहीन और आवासविहीन परिवारों की पहचान के लिये पंचायत और वार्ड स्तर पर सर्वेक्षण कराया जाये। इसके बाद पात्र परिवारों की सूची तैयार कर निर्धारित समय-सीमा में उन्हें जमीन का पट्टा उपलब्ध कराया जाये। उन्होंने सरकारी, गैर-मजरुआ और अन्य उपलब्ध जमीन को पारदर्शी तरीके से चिन्हित कर गरीब परिवारों के आवासीय पुनर्वास में इस्तेमाल करने का सुझाव दिया। नायक ने प्रस्तावित नीति में महिलाओं, दिव्यांगजनों, अत्यंत गरीब परिवारों, विधवा और परित्यक्त महिलाओं समेत अन्य वंचित वर्गों को प्राथमिकता देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जमीन बांटने की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिये, ताकि दलाली, बिचौलियागिरी और राजनीतिक भेदभाव की कोई गुंजाइश न रहे।

कांग्रेस की सरकार से 8 मांगें

विजय शंकर नायक ने सरकार के सामने आठ सूत्री मांग रखी है।

  1. झारखंड के सभी भूमिहीन एवं आवासविहीन परिवारों का राज्यव्यापी सर्वे कराया जाये।
  2. पात्र परिवारों को कम से कम 4 डिसमिल आवासीय भूमि देने की नीति बने।
  3. ST, SC, OBC, अल्पसंख्यक और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्राथमिकता मिले।
  4. उपलब्ध सरकारी जमीन का जिला और प्रखंडवार भूमि बैंक तैयार किया जाये।
  5. लाभुकों को जमीन का कानूनी पट्टा या स्वामित्व अधिकार दिया जाये।
  6. भूमि आवंटन को प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास जैसी योजनाओं से जोड़कर पक्का मकान सुनिश्चित किया जाये।
  7. पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और सार्वजनिक की जाये।
  8. प्रत्येक जिले में भूमि आवंटन की समयबद्ध निगरानी व्यवस्था बनाई जाये।

इसे भी पढ़ें :

टाटा जू में 3 नन्हे मेहमानों की एंट्री, अब जनता रखेगी नाम, जीतें फ्री एंट्री पास…

Jamshedpur : टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में खुशियों की...

आजाद भारत में कितनी महिलाओं को सचमुच दी गयी फां’सी?

Kohramlive(Bhavna Thakur) : क्या नीले ड्रम कांड वाली गुनहगार...

डॉ वर्मा बोले, ‘इंस्पेक्टर राज’ से भरोसे की ओर बढ़ता भारत…

Ranchi : देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती केवल बड़े...

बूढ़ा पहाड़ के जंगल में जमीन में दबे मिले दो सिलेंडर…

Garhwa(Nityanand Dubey) : कभी माओवादियों का ऐसा गढ़, जहां...

Advertisement

spot_img
spot_img
spot_img

Related articles:

टाटा जू में 3 नन्हे मेहमानों की एंट्री, अब जनता रखेगी नाम, जीतें फ्री एंट्री पास…

Jamshedpur : टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में खुशियों की...

आजाद भारत में कितनी महिलाओं को सचमुच दी गयी फां’सी?

Kohramlive(Bhavna Thakur) : क्या नीले ड्रम कांड वाली गुनहगार...

डॉ वर्मा बोले, ‘इंस्पेक्टर राज’ से भरोसे की ओर बढ़ता भारत…

Ranchi : देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती केवल बड़े...

बूढ़ा पहाड़ के जंगल में जमीन में दबे मिले दो सिलेंडर…

Garhwa(Nityanand Dubey) : कभी माओवादियों का ऐसा गढ़, जहां...