Bihar : पटना का गांधी मैदान मानो अपने भीतर तीन लाख से अधिक उम्मीदों, विश्वासों और उत्साह की तरंगें समेटे एक विराट जीवंत समुद्र बन गया था। मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा, कई राज्यों के मुख्यमंत्री और शीर्ष नेता मौजूद थे, लेकिन भीड़ की आंखें उस क्षण पर टिकी थीं, जब नीतीश कुमार ने दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। और तभी प्रधानमंत्री मोदी ने उत्साह से गमछा लहराया। बस, वही क्षण गांधी मैदान में बिजली-सा कौंध गया। तालियों, नारों और जयघोषों की गूंज उठी।
‘सामा-चकेवा’ ने बांधा मन
समारोह की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई। उससे पहले मिथिला की पहचान ‘सामा-चकेवा’ की मोहक प्रस्तुति ने लोगों का दिल चुरा लिया। बिहार के कोने-कोने से आई लोक कलाकार महिलाओं ने पारंपरिक गीत-नृत्यों के रंग बिखेर दिये, जैसे अपनी सांस्कृतिक विरासत को इस ऐतिहासिक पल का आशीर्वाद दे रही हों। वहीं, दूसरे मंच पर भोजपुरी सुपरस्टार और भाजपा सांसद मनोज तिवारी तथा सुपरस्टार पवन सिंह ने अपने गीतों से लहरें पैदा कर दीं। भीड़ थिरकती रही, झूमती रही,
गांधी मैदान मानो उत्सव और ऊर्जा के दो पाटों के बीच पुल बन गया था।
लिट्टी-चोखा से लेकर मखाना-खीर तक
VIP अतिथियों के लिये बिहार की सांस्कृतिक मिठास भी सजी थी, गरमा-गरम लिट्टी-चोखा,नरम मखाना-खीर और खास चाय। इतना स्वाद कि थाली में बिहार का पूरा अपनापन उतर आया हो। कार्यक्रम से पहले ही पटना का चेहरा बदल चुका था, बेली रोड से लेकर मुख्य चौराहों तक मोदी, शाह और नीतीश के विशाल कटआउट्स स्वागत में मुस्कुराते खड़े थे। गांधी मैदान में उमड़ा जनसैलाब, सांस्कृतिक झंकार, राजनीतिक ऊर्जा और जश्न की गूंज, सब मिलकर इस शपथ ग्रहण समारोह को एक अविस्मरणीय अध्याय में बदल गईं।




