Kohramlive : नये महीने की शुरुआत के साथ कई बड़े बदलाव लागू हो गये हैं। 1 अक्टूबर 2026 से LPG सब्सिडी, FD, जन्म-मृत्यु पंजीकरण और कमर्शियल LPG से जुड़े नियम बदल गये हैं। वहीं UPI को लेकर भी बड़ा बदलाव आने वाला है।
LPG सब्सिडी के लिए BAA जरूरी
LPG सब्सिडी लेने वाले ग्राहकों के लिए आधार बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन (BAA) अहम हो गया है। जिन लोगों ने प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें इसे पूरा कराना होगा। हालांकि, BAA नहीं कराने पर गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद नहीं होगी। लेकिन सब्सिडी का लाभ रुक सकता है और सिलेंडर की खरीद बाजार कीमत पर करनी पड़ सकती है।
FD के नियम भी बदले
अब ₹3 करोड़ या उससे ज्यादा की FD बल्क डिपॉजिट मानी जायेगी। पहले यह सीमा ₹2 करोड़ थी। बैंकों को अपनी लागू FD ब्याज दरें हर कार्यदिवस सुबह 10:10 बजे तक वेबसाइट पर अपडेट करनी होंगी। समान राशि और समान अवधि की FD पर एक ही तारीख में सभी शाखाओं में समान ब्याज दर लागू होगी।
जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन होगा सख्त
जन्म या मृत्यु के पंजीकरण में दो साल से ज्यादा की देरी होने पर प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश जरूरी होगा। संशोधित प्रावधान 1 अक्टूबर से लागू हो गये हैं।
UPI पर कब लगेगा चार्ज?
UPI को लेकर बदलाव 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगा। ₹2,000 से ज्यादा के P2M यानी व्यक्ति से दुकानदार को होने वाले कुछ लेनदेन पर MDR लागू होगा। हालांकि, यह शुल्क ग्राहक से वसूलने का प्रावधान नहीं है।
कमर्शियल LPG भी महंगा
त्योहारों से पहले कारोबारियों को झटका लगा है। 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम करीब 70 रुपये तक बढ़ गये हैं। अलग-अलग शहरों में टैक्स और स्थानीय कीमतों के आधार पर नई दरें अलग रहेंगी। इन बदलावों का असर आम लोगों से लेकर कारोबारियों तक पड़ेगा। इसलिए नये नियमों की जानकारी रखना जरूरी है।






