Garhwa : किसी के घर में सालों से मुकदमे की चिंता है, किसी का जमीन विवाद अदालत की फाइलों में अटका है, तो किसी पर बैंक रिकवरी का मामला चल रहा है। तारीख पर तारीख के बीच जिंदगी आगे बढ़ती रहती है, लेकिन मुकदमा वहीं ठहरा रहता है। अब ऐसे मामलों को समझौते की राह से जल्द खत्म करने का मौका मिलने जा रहा है। गढ़वा में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत लगाया जायेगा। जिला व्यवहार न्यायालय परिसर गढ़वा और अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय परिसर नगर ऊंटारी में लगने वाली इस लोक अदालत में समझौते योग्य मामलों के साथ इस बार हाई कोर्ट में लंबित सर्विस मैटर भी निपटाये जायेंगे।
26 हजार आपराधिक मामलों पर नजर
जिले की अदालतों में करीब 26 हजार आपराधिक मामले लंबित बताये गये हैं। इनमें जो मामले समझौते के जरिये निपटाए जा सकते हैं, उन्हें दोनों पक्षों की सहमति से लोक अदालत में समाप्त कराने की कोशिश होगी। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डीएलएसए अध्यक्ष मनोज प्रसाद ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि लोक अदालत में फैसला आपसी सहमति और समझौते के आधार पर होता है। खास बात यह है कि लोक अदालत में मामले के निपटारे के लिये किसी तरह का खर्च नहीं होता और निष्पादित मामले का फैसला अंतिम माना जाता है। इस बार लोक अदालत में हाई कोर्ट में लंबित सर्विस मैटर का निपटारा एक अहम पहल है। मामलों के निष्पादन के बाद इसकी जानकारी हाई कोर्ट को भेजी जायेगी। वहीं, लेबर डिस्प्यूट, लैंड एक्विजिशन, बैंक रिकवरी, कंज्यूमर डिस्प्यूट, भूमि विवाद समेत अन्य समझौता योग्य मामलों को भी निपटारे के दायरे में रखा गया है।
वन भूमि विवाद में शपथ पत्र से बन सकती है बात
वन विभाग से जुड़े भूमि अतिक्रमण मामलों में भी समझौते का रास्ता तलाशा जा रहा है। बताया गया कि यदि आरोपित व्यक्ति शपथ पत्र देकर स्वीकार करता है कि उसने संबंधित भूमि पर अतिक्रमण नहीं किया है और भविष्य में भी उस जमीन पर दावा नहीं करेगा, तो ऐसे मामलों का त्वरित निष्पादन संभव है। लोक अदालत को लेकर प्रशासन और पुलिस ने भी तैयारी तेज कर दी है। गढ़वा के DC पशुपतिनाथ मिश्रा ने बताया कि विभिन्न विभागों के साथ बैठक कर लंबित मामलों और सर्टिफिकेट केसों को चिन्हित किया जा रहा है। कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा मामलों को लोक अदालत में लाकर उनका समाधान कराया जाये। वहीं SP आशुतोष शेखर ने कहा कि पुलिस की ओर से लोगों को समझौते योग्य मामलों को लोक अदालत में लाने के लिये जागरूक किया जा रहा है।




