Hazaribagh(Krishna Paswan) : नये साल की पहली सुबह हजारीबाग में सड़क सुरक्षा माह–2026 के पहले दिन जिले भर में जागरूकता की ऐसी बयार चली, जिसने यह अहसास कराया कि नियम किताबों के लिये नहीं, जिंदगियां बचाने के लिये होते हैं। अभियान की शुरुआत जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर की गई। यह रथ जिले के कोने-कोने में जाकर लोगों को यातायात नियमों की सीख देगा, क्यों हेलमेट जरूरी है, सीट बेल्ट क्यों जीवन रक्षक है और तेज रफ्तार कैसे मौत को दावत देती है। इसके बाद जिला परिवहन पदाधिकारी वैद्यनाथ कामती की अध्यक्षता में एक अहम समीक्षा बैठक हुई। बैठक में सिविल सर्जन, DSP (यातायात), कार्यपालक अभियंता, एनएचएआई, मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) मौजूद रहे। सभी ने मिलकर सड़क सुरक्षा माह के दौरान चलने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की और आपसी तालमेल से सख्त व संवेदनशील अभियान चलाने का संकल्प लिया।
चालान नहीं, गुलाब मिला
सड़क सुरक्षा माह के तहत ‘रोज एट रोड’ कैंपेन ने लोगों का दिल जीत लिया। अधिकारी सड़क पर उतरे और नियमों का पालन करने वाले चालकों को गुलाब के फूल भेंट किये। संदेश साफ था कि हेलमेट पहनें, सीट बेल्ट लगायें, तय गति सीमा में वाहन चलायें, नशे की हालत में ड्राइविंग से दूर रहें। टोल प्लाजा पर स्पेशल ड्राइव चलाकर नशे में वाहन चलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की गई। चालान काटे गये, ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया शुरू की गई। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि सड़क सुरक्षा माह को अपनी और अपनों की जिंदगी से जोड़ें। क्योंकि एक हेलमेट, एक सीट बेल्ट और थोड़ी सी सावधानी, किसी घर का चिराग बुझने से बचा सकती है।




